यूपी: चलती ट्रेन में NCC कैडेट से दुष्कर्म मामले में बड़ा एक्शन, आरोपी TTE का भाई गिरफ्तार; मुख्य अपराधी पर इनाम घोषित
देवरिया (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और विचलित करने वाली खबर सामने आई है, जहाँ गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कोच में एक एनसीसी (NCC) कैडेट के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने इस संगीन अपराध के मुख्य आरोपी टीटीई (TTE) राहुल कुमार को संरक्षण देने और उसे छिपाने के आरोप में उसके सगे भाई गणेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। गणेश कुमार गुप्ता खुद भी रेलवे में 'मालबाबू' के पद पर छपरा में तैनात है।
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| उत्तर प्रदेश के देवरिया में चलती ट्रेन के अंदर छात्रा के साथ हुए अपराध की प्रतीकात्मक फोटो |
घटना के विवरण के अनुसार, मऊ जिले की रहने वाली 22 वर्षीय एक छात्रा, जो एनसीसी की 'सी' सर्टिफिकेट परीक्षा देकर लौट रही थी, इस घृणित अपराध का शिकार बनी। पीड़िता 15 फरवरी को शाम करीब 5:00 बजे गोरखपुर रेलवे स्टेशन से अपनी मंजिल के लिए रवाना हुई थी। स्टेशन पर अत्यधिक जल्दबाजी के कारण वह टिकट नहीं ले पाई थी और गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस में सवार हो गई। ट्रेन में टिकट चेक करने आए टीटीई राहुल कुमार ने छात्रा के पास टिकट न होने का फायदा उठाते हुए उसे कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। आरोपी ने पहले छात्रा को सीट दिलाने का झूठा भरोसा दिया और फिर उसे जबरन एसी प्रथम श्रेणी (AC First Class) के एक केबिन में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि विरोध करने पर आरोपी टीटीई ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने और विभागीय कार्रवाई की धमकी दी। हालांकि, छात्रा किसी तरह आरोपी के चंगुल से बचकर केबिन से बाहर निकलने में सफल रही। उसने तुरंत हिम्मत दिखाते हुए डायल 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। जैसे ही ट्रेन देवरिया स्टेशन पर रुकी, आरोपी टीटीई राहुल कुमार वहां से फरार हो गया। इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जीआरपी देवरिया में मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी का भाई गणेश कुमार गुप्ता उसे गिरफ्तारी से बचाने के लिए लगातार मदद कर रहा था और उसे ठिकाने बदलने में सहायता दे रहा था।
जीआरपी थाना प्रभारी अभिषेक पांडेय के नेतृत्व में गठित पांच विशेष टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से जांच को आगे बढ़ाया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी राहुल कुमार गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। वह कभी बिहार तो कभी नेपाल में शरण ले रहा है। आरोपी का मोबाइल फोन बंद होने के कारण पुलिस को उसकी सटीक लोकेशन ट्रैक करने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस प्रशासन ने आरोपी टीटीई की गिरफ्तारी के लिए अब 10,000 रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है। जीआरपी को उम्मीद है कि गिरफ्तार किए गए उसके भाई से पूछताछ के बाद राहुल कुमार के संभावित ठिकानों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकेंगे।
खबर का बैकग्राउंड:
यह घटना भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगाती है। एक एनसीसी कैडेट, जो देश सेवा के जज्बे के साथ अपना करियर बना रही थी, उसे उस व्यक्ति ने अपना शिकार बनाया जिसकी जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा और सहायता करना है। आरोपी टीटीई ने छात्रा की मजबूरी (बिना टिकट यात्रा) का फायदा उठाकर उसे डराया-धमकाया और ट्रेन के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले एसी फर्स्ट क्लास केबिन को अपराध स्थल में बदल दिया।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना के बाद रेल यात्रियों, विशेषकर अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं और छात्राओं के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। एसी कोच में भी इस तरह की वारदात होना यह दर्शाता है कि रेलवे स्टाफ की निगरानी और उनके आचरण पर सख्त लगाम लगाने की जरूरत है। जनता में इस बात को लेकर काफी रोष है कि एक जिम्मेदार सरकारी कर्मचारी ने अपने पद और पावर का दुरुपयोग कर एक छात्रा की अस्मत के साथ खिलवाड़ किया।
UP Prime News एनालिसिस:
रेलवे प्रशासन को अपने कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन (Police Verification) और ड्यूटी के दौरान उनके व्यवहार की मॉनिटरिंग को और अधिक पारदर्शी बनाना चाहिए। इस मामले में पुलिस द्वारा आरोपी के मददगार भाई की गिरफ्तारी एक सही कदम है, जिससे अपराधियों को संरक्षण देने वालों को कड़ा संदेश जाएगा।
देवरिया | UP Prime News
Published: March 01, 2026 | 04:32 PM IST
By UP Prime News Desk
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