प्रयागराज हत्याकांड: करोड़पति परिवार के 4 सदस्यों की संदेहास्पद मौत, दीवार पर लिखे रहस्यमयी संदेश ने उलझाई पुलिस की जांच
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। शहर के व्यावसायिक रूप से बेहद सक्रिय साउथ मलाका इलाके में एक करोड़पति कारोबारी परिवार के चार सदस्यों की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस को पहले घर के भीतर से तीन लोगों के शव बरामद हुए और फिर कुछ ही घंटों बाद लापता चल रहे बेटे का शव भी पास ही स्थित एक दुकान से मिला। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस मामले की गहन तहकीकात में जुटी है।
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| फोटो : UP Prime News |
पुलिस प्रशासन के मुताबिक, इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसियों ने घर के आसपास कोई हलचल न होने पर शक जाहिर किया। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद था। दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर पुलिस को 70 वर्षीय परिवार के मुखिया रविंद्र कुमार वैश्य, उनकी 65 वर्षीय पत्नी अनीता और 45 वर्षीय बेटी मीनाक्षी के शव कमरे के भीतर मिले । शुरुआती जांच में पता चला कि घर का 40 वर्षीय बेटा अभिषेक गायब था, जिसकी तलाश में पुलिस ने तुरंत विभिन्न इलाकों में दबिश देना शुरू किया।
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जांच को आगे बढ़ाते हुए जब पुलिस ने परिवार के स्वामित्व वाली 12-13 दुकानों की तलाशी ली, तो शाम के समय एक दुकान के अंदर से लापता बेटे अभिषेक का शव भी बरामद हो गया । अभिषेक का शव काफी सड़ चुका था और उसमें सूजन आ चुकी थी, जिससे पुलिस को अंदेशा है कि उसकी मौत बाकी तीन परिजनों से कुछ दिन पहले ही हो चुकी थी । इस दुकान का ताला भी बाहर से लगा हुआ था, जिसे पुलिस ने कटर की मदद से काटकर शव को बाहर निकाला । पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ।
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| फोटो : UP Prime News |
इस घटना में सबसे रहस्यमयी मोड़ तब आया जब पुलिस को घर के कमरों की दीवारों और एक बोर्ड पर लिखा हुआ एक संदेश मिला । इस संदेश में लिखा था, 'बंटी-बबली और बहू ने मारा है' । इस संदेश के मिलने के बाद पुलिस की तफ्तीश का दायरा काफी बढ़ गया है । पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह संदेश वास्तव में किसने और किस परिस्थिति में लिखा था। क्या यह वाकई में मरने वाले किसी सदस्य द्वारा अपनी आखिरी सांसों के दौरान लिखा गया था या फिर आरोपियों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की साजिश रची है ।
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जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि मृतक रविंद्र कुमार वैश्य का दूसरा बेटा अश्विनी वैश्य वर्तमान में धोखाधड़ी के एक मामले में कौशांबी जेल में बंद है । पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जेल में बंद अश्विनी की शादी जिस महिला से हुई थी, पुलिस अब उसके बारे में भी गहनता से जानकारियां जुटा रही है । दीवार पर 'बहू' शब्द का जिक्र होने के कारण जांच टीम इस कोण को बेहद गंभीरता से देख रही है। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर 'बंटी-बबली' के नाम से चर्चित संदिग्धों की पहचान करने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।
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अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. अजय पाल शर्मा ने घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि शवों की स्थिति को देखने से ऐसा लगता है कि सभी की हत्या किसी भारी वस्तु से सिर पर प्रहार करके की गई है । मृतकों के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं । पुलिस की फील्ड यूनिट, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीमों ने मौके से फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं । आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके ।
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यह भी जानकारी मिली है कि दोनों बेटों, अभिषेक और अश्विनी, की छवि आपराधिक प्रवृत्ति की रही है । पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, दोनों भाइयों की अपने पिता रविंद्र कुमार वैश्य से अक्सर अनबन रहती थी और घर में संपत्ति को लेकर विवाद चलता रहता था । स्थानीय निवासियों का कहना है कि परिवार के भीतर लंबे समय से आपसी तनाव का माहौल था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और कारणों का सटीक खुलासा हो सकेगा, जिससे जांच को एक सही दिशा मिलेगी ।
प्रयागराज के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र में इस घटना के बाद से गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मृत परिवार काफी समृद्ध था और उनके पास कई व्यावसायिक संपत्तियां थीं। इतनी बड़ी वारदात के बाद स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में असुरक्षा की भावना देखी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। फॉरेंसिक टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या पीड़ितों को मारने से पहले कोई नशीला पदार्थ दिया गया था या सीधे उन पर हमला किया गया। इसके साथ ही दीवार पर लिखे गए अक्षरों की लिखावट का मिलान भी मृतकों की लिखावट से कराया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह संदेश वास्तव में किसने लिखा था।
खबर का बैकग्राउंड:
इस दर्दनाक घटना का संबंध परिवार के आपसी कलह और संपत्ति विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। मृतक रविंद्र कुमार वैश्य के दोनों बेटों की आपराधिक पृष्ठभूमि रही है । एक बेटा धोखाधड़ी के आरोप में जेल में बंद है, जबकि दूसरे का शव दुकान से मिला है । पारिवारिक तनाव और अनबन लंबे समय से चल रही थी, जो अंततः इस भीषण त्रासदी में तब्दील हो गई ।
पब्लिक इम्पैक्ट:
घनी आबादी वाले और व्यावसायिक क्षेत्र में इस तरह की वारदात से स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में भय का माहौल है। लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इस घटना ने पारिवारिक विवादों के निपटारे के सामाजिक तरीकों और स्थानीय पुलिस की गश्त व्यवस्था पर नए सिरे से चर्चा छेड़ दी है।
UP Prime News एनालिसिस:
पारिवारिक कलह और आपसी अनबन जब कानून व सामाजिक नियंत्रण की सीमाएं लांघ जाती है, तो उसके परिणाम अक्सर बेहद दुखद होते हैं। पुलिस प्रशासन के लिए इस उलझी हुई गुत्थी को पूरी निष्पक्षता और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुलझाना एक बड़ी जिम्मेदारी है ताकि पीड़ितों को सही समय पर न्याय मिल सके।
प्रयागराज | UP Prime News
Published: June 3, 2026 | 09:56 AM IST
By UP Prime News Desk






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