रायबरेली में हरिओम हत्याकांड: चार घंटे तक बर्बर पिटाई, पानी मांगा तो चेहरे पर फेंका — इंसाफ की पुकार तेज
रायबरेली (उत्तर प्रदेश):
फतेहपुर निवासी हरिओम की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। चोर समझकर ग्रामीणों ने हरिओम को लगातार चार घंटे तक लाठी, डंडों और बेल्ट से पीटा, यहां तक कि जब उन्होंने पानी मांगा तो किसी ने पिलाने की जगह उनके चेहरे पर पानी फेंक दिया।
यह दिल दहला देने वाली वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।
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| हरिओम का फाइल फोटो - photo -: up. Prime news |
🔸 कैसे हुई यह दर्दनाक घटना
घटना ऊंचाहार क्षेत्र के ईश्वरदासपुर गांव की है।
हरिओम बुधवार रात लगभग 9 बजे फतेहपुर के गदागंज इलाके के एक ढाबे पर पहुंचे थे।
ग्रामीणों ने उन्हें चोर समझकर पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस देर से पहुंची।
रात करीब 1 बजे हरिओम डाड़ेपुर गांव पहुंचे, जहां कुछ लोगों ने फिर उन्हें घेर लिया और लगातार 4 घंटे तक बेरहमी से पीटा।
सुबह 4 बजे के करीब, जब उनकी हालत बिगड़ गई, तो हमलावर उन्हें रेलवे स्टेशन तक घसीटकर ले गए और वहीं छोड़कर भाग निकले।
🔸 पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब हरिओम की पिटाई हो रही थी, उस समय एक पीआरवी वैन मौके से गुजरी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने रुकना जरूरी नहीं समझा।
घटना के बाद पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं।
इसी कारण गदागंज थाने के एसआई प्रेम सिंह, हल्का दरोगा कमल सिंह यादव, सिपाही प्रदीप व अभिषेक, और पीआरवी टीम के जय सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं कोतवाली प्रभारी संजय कुमार को भी पद से हटा दिया गया है।
🔸 गांवों में पसरा सन्नाटा, कई परिवारों ने छोड़ा घर
घटना के बाद से डाड़ेपुर, बाहरपुर, पचखरा और मिर्जा इनायत उल्लापुर जैसे गांवों के लोग पुलिसिया कार्रवाई के डर से गांव छोड़कर चले गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर पहुंच जाती तो हरिओम की जान बचाई जा सकती थी।
🔸 अब तक की कार्रवाई
एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि अब तक नौ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
ताजा कार्रवाई में चार और आरोपियों — शिव प्रकाश अग्रहरि, शिवम, लल्ली पासी और एक अन्य — को पकड़ा गया है।
मुख्य आरोपी वैभव सिंह समेत पहले ही पांच लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
एसपी ने कहा कि सभी दोषियों पर गैंगस्टर और रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
🔸 सियासी दबाव के बाद तेज हुई कार्रवाई
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सांसद राहुल गांधी ने इसे लेकर बयान दिया।
इसके बाद पुलिस हरकत में आई और लगातार छापेमारी शुरू की गई।
वहीं, पीड़ित परिवार अब भी न्याय की गुहार लगा रहा है।
🟢 Up. Prime News विश्लेषण:
हरिओम हत्याकांड ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं — क्या भीड़ का गुस्सा कानून से बड़ा हो गया है?
इस घटना ने न सिर्फ इंसानियत को झकझोरा, बल्कि पुलिस व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर किया है।

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