UP Prime News: बहराइच में बाघ का आतंक! खेत में काम कर रहे किसान को नोचकर मार डाला, इलाके में दहशत
बहराइच, उत्तर प्रदेश: यूपी के बहराइच जिले में रविवार शाम एक बाघ ने खेत में काम कर रहे एक किसान को नोचकर मार डाला, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है, क्योंकि पिछले 10 महीनों में बाघ के हमलों से यह पांचवीं मौत है।
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| घटना के बाद रोते परिवार के लोग। - फोटो :- up prime news |
दर्दनाक घटना का विवरण:
कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के मुखिया फार्म में सरयू नहर पुल के पास रविवार शाम करीब चार बजे हुई इस दर्दनाक घटना में संजीत कुमार (21) नामक किसान की मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, संजीत हल्दी के खेत में निराई कर रहे थे, तभी जंगल से निकले बाघ ने उन पर हमला कर दिया।
संजीत की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और शोर मचाना शुरू किया। संजीत ने संघर्ष कर बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। ग्रामीणों के शोर मचाने के बावजूद लगभग आधे घंटे बाद बाघ मौके से हटा। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष सुजौली प्रकाश चंद्र शर्मा और रेंजर सुजौली रोहित कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की।
डीएफओ सूरज कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि संजीत करवट लेने के लिए 13 नंबर साइफन क्षेत्र की ओर गए थे। यह बाघ, हाथी और गैंडों का मुख्य प्रवास स्थल है। इस दौरान बाघ ने हमला कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
बढ़ता आतंक और ग्रामीणों का आक्रोश:
यह घटना कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में बाघों के बढ़ते आतंक का एक और उदाहरण है। धर्मपुर के बाद अब सुजौली रेंज में भी बाघों के हमले शुरू हो गए हैं। इस महीने बाघ के हमलों में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि जनवरी से अब तक बाघ के हमलों में पांच लोगों की जान जा चुकी है। बाघों की दहाड़ से ग्रामीण थर्राए हुए हैं।
संजीत की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सुजौली रेंज के रामपुरवा मुखिया फार्म निवासी संजीत कुमार के गांव में दहशत है, वहीं परिजन बिलख रहे हैं। पत्नी, मां और बच्चों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। पूरे घर में मातम पसरा हुआ है।
गांव के लोग अब खेत की ओर जाने से भी डर रहे हैं। इससे पहले जनवरी में भी इसी रेंज में एक ग्रामीण बाघ का शिकार हो चुका है। इस रेंज में एक माह के भीतर हमलों में एक युवक की मौत हो चुकी है, जबकि तीन लोग अब तक घायल हो चुके हैं।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप:
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनके गांव के आसपास कम से कम दो से तीन बाघ लगातार घूम रहे हैं, लेकिन अब तक न तो पिंजरा लगाया गया है और न ही ट्रैकिंग टीम नियमित रूप से गश्त कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के कर्मचारी मौके पर सिर्फ दिखावे के लिए पहुंचते हैं और औपचारिकता निभाकर चले जाते हैं।
हरखापुर के पूर्व ग्राम प्रधान नवी अहमद ने बताया कि पिंजरा वन रेंज कार्यालय में है, लेकिन अधिकारी आदेश का हवाला देकर इसे नहीं लगा रहे हैं। स्थिति यह है कि गांव के लोग जंगल किनारे खेतों में जाने से कतराने लगे हैं। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि जल्द कार्रवाई न हुई तो वे धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
UP Prime News आपसे अपील करता है कि इस गंभीर समस्या पर प्रशासन तत्काल ध्यान दे और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

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