बरेली दंगों में मौलाना तौकीर रज़ा पर कसा पुलिस का शिकंजा! पेट्रोल बम, फायरिंग और 'सर तन से जुदा' के नारों वाली भीड़ पर तीसरी चार्जशीट दाखिल
(UP Prime News एक्सक्लूसिव)
बरेली में हुए बवाल और हिंसा के मामले में आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा और उनके साथियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पुलिस ने इस मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए कोर्ट में तीसरी चार्जशीट दाखिल कर दी है।
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| मौलाना तौकीर रज़ा फोटो :-up prime news |
UP Prime News को मिली जानकारी के मुताबिक, 26 सितंबर को हुए इस उपद्रव में पुलिस ने मौलाना तौकीर रज़ा समेत 20 नामजद और 150 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
आखिर क्या हुआ था 26 सितंबर को? (घटना का पूरा विवरण)
चार्जशीट के मुताबिक, मौलाना तौकीर रज़ा की अपील पर इस्लामिया मैदान में भारी भीड़ जमा हुई थी। भीड़ ने वहां से नौमहला मस्जिद की ओर कूच किया। जब पुलिस ने खलील तिराहे के पास उन्हें रोकने की कोशिश की, तो भीड़ बेकाबू हो गई।
आरोप है कि उपद्रवियों ने पुलिस की बात मानने के बजाय उन पर पथराव शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, भीड़ की तरफ से पुलिस पर पेट्रोल बम से हमले किए गए और फायरिंग भी हुई। इस दौरान भीड़ द्वारा 'सर तन से जुदा' जैसे भड़काऊ नारे भी लगाए गए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे।
इन 20 लोगों पर गिरी गाज (आरोपियों की सूची)
विवेचना अधिकारी और चौकी इंचार्ज नितिन राणा ने अपनी जांच पूरी करते हुए सीओ प्रथम के कार्यालय में चार्जशीट जमा कर दी है। जिन 20 मुख्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
मौलाना तौकीर रज़ा खां (मुख्य आरोपी)
नफीस खान, नदीम खान, मुनीर इदरीशी
फरहान रज़ा खां, फैजुल नबी, आरिफ खां
अनीस सकलानी, अफजाल बेग, शफी अहमद
सईद अहमद, रिहान, अफरोज, जुबैर
कसान, आमान हुसैन, मोहम्मद हरमैन और नेमतुल्ला।
इसके अलावा 150 अज्ञात उपद्रवियों का भी चार्जशीट में जिक्र है, जिनकी पहचान की कोशिशें जारी हैं।
UP Prime News का अपडेट: अभी कहां हैं आरोपी?
फिलहाल मौलाना तौकीर रज़ा और अन्य सभी आरोपी फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं। पुलिस ने कोर्ट में यह साफ कर दिया है कि अगर किसी ने नदीम या तौकीर रज़ा के कहने पर शांति भंग करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। यह इस मामले में पुलिस द्वारा दाखिल की गई तीसरी चार्जशीट है, जो यह दर्शाती है कि प्रशासन इस मामले को लेकर कितना सख्त है।

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