कफ सिरप कांड में पूर्व सांसद धनंजय सिंह का 'तांडव', अखिलेश यादव को दी खुली चुनौती! बोले- 'क्षत्रिय विरोधी हैं अखिलेश, करूँगा मानहानि का केस'
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल लाने वाले चर्चित कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में अब जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। राजधानी लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए धनंजय सिंह ने न केवल खुद को बेगुनाह बताया, बल्कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और विधायक अभय सिंह पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी।
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| धनंजय सिंह, पूर्व सांसद जौनपुर। - फोटो :-up prime news |
इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें:
1. "आलोक सिंह से पारिवारिक रिश्ता है, पर धंधे से कोई वास्ता नहीं"
UP Prime News को मिली जानकारी के मुताबिक, धनंजय सिंह ने कफ सिरप सिंडिकेट में अपनी संलिप्तता से साफ इनकार किया है। उन्होंने बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह (जो इस मामले में मुख्य आरोपी है) के साथ अपने रिश्तों पर बड़ा खुलासा किया। धनंजय ने स्वीकार किया कि आलोक सिंह से उनके पारिवारिक रिश्ते जरूर हैं, लेकिन उनके कारोबार या फर्मों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके नाम को जानबूझकर घसीटा जा रहा है।
2. अखिलेश यादव पर बड़ा हमला: "2027 में भुगतना पड़ेगा खामियाजा"
पूर्व सांसद ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें "क्षत्रिय विरोधी" करार दिया। धनंजय सिंह ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव जानबूझकर राजपूत समाज को टारगेट कर रहे हैं और उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।
मानहानि की चेतावनी: धनंजय सिंह ने साफ कहा कि अखिलेश यादव समेत जो भी लोग बिना सबूत उनका नाम उछाल रहे हैं, वे उन सभी के खिलाफ मानहानि (Defamation) का मुकदमा दर्ज कराएंगे।
सीबीआई (CBI) जाँच की मांग: उन्होंने कहा कि पुलिस और एसटीएफ अपना काम कर रही है, लेकिन दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए मैंने खुद इस मामले की CBI जांच की मांग की है।
3. अभय सिंह पर पलटवार: बताया माफियाओं का करीबी
धनंजय सिंह ने गोसाईंगंज से विधायक अभय सिंह पर भी पलटवार किया। उन्होंने अभय सिंह को माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव और मुख्तार अंसारी का करीबी बताया। धनंजय का कहना है कि अभय सिंह खुद को बचाने के लिए उन पर (धनंजय) बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि अभय सिंह के तार अपराध जगत से जुड़े हुए हैं।
STF का शिकंजा: 3 दिन की रिमांड पर आलोक और अमित 'टाटा'
वहीं दूसरी तरफ, UP Prime News के सूत्रों के अनुसार, कफ सिरप सिंडिकेट के सरगना शुभम जायसवाल के साथ तस्करी करने वाले बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित सिंह 'टाटा' पर एसटीएफ (STF) ने शिकंजा कस दिया है।
लखनऊ की सीजेएम (CJM) कोर्ट ने दोनों आरोपियों की शुक्रवार से रविवार तक (3 दिन) की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली है।
दुबई कनेक्शन की जाँच: एसटीएफ अब इन तीन दिनों में सिंडिकेट के नेटवर्क, दुबई फरार हुए मास्टरमाइंड, और राजनेताओं के साथ उनके 'कनेक्शन' को लेकर कड़ी पूछताछ करेगी। फरार चल रहे विकास सिंह नर्वे और धनंजय सिंह से रिश्तों को लेकर भी सवाल-जवाब हो सकते हैं।

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