Breaking News

मेरठ के शताब्दी नगर में 'पलायन' की आहट! छेड़छाड़ विवाद में नया मोड़, घरों पर लगे पोस्टर से मचा हड़कंप

मेरठ, उत्तर प्रदेश:

मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शताब्दी नगर सेक्टर-5 में इन दिनों माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। सांप्रदायिक तनाव और पुलिस की कार्यशैली से नाराज दर्जनों परिवारों ने अपने घरों के बाहर 'पलायन' (घर बिकाऊ है) के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। UP Prime News की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा विवाद एक छेड़छाड़ की घटना और उसके बाद हुई पुलिसिया कार्रवाई के इर्द-गिर्द घूम रहा है।
पलायन के पोस्टर फोटो :- up prime news












क्या है पूरा मामला?

विवाद की शुरुआत बीते सोमवार को हुई, जब एक समुदाय के व्यक्ति ने कॉलोनी के ही एक युवक पर अपनी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया। पुलिस ने शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक का चालान कर दिया और उसे हिरासत में ले लिया।

एकतरफा कार्रवाई के लगे गंभीर आरोप

युवक की गिरफ्तारी के बाद कॉलोनी के स्थानीय निवासी भड़क उठे। उनका आरोप है कि पुलिस ने केवल एक पक्ष की बात सुनकर 'एकतरफा कार्रवाई' की है। UP Prime News को निवासियों ने बताया कि शिकायतकर्ता पक्ष के व्यक्ति ने धारदार हथियार से एक महिला के घर पर हमला किया था, लेकिन पुलिस ने उस घटना को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।

मंदिर की आरती और लाउडस्पीकर का विवाद

स्थानीय निवासियों ने मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ दिया है। लोगों का कहना है कि आरोपी पक्ष मंदिर में होने वाली 'आरती' और लाउडस्पीकर बजाने का भी लगातार विरोध करता है। आरोप है कि वह आए दिन कॉलोनी के युवाओं को छेड़छाड़ के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देता रहता है। इसी प्रताड़ना से तंग आकर लोगों ने अब अपने घरों पर पलायन के पोस्टर लगा दिए हैं।

मैदान में उतरे भाजपा नेता

मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व महानगर अध्यक्ष डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी, बिजेंद्र सिंह और पार्षद रामवीर सिंह मौके पर पहुंचे और धरना दे रहे लोगों से मुलाकात की। भाजपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए और SP City से मिलकर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।

पुलिस (CO) का क्या कहना है?

इस पूरे प्रकरण पर सीओ ब्रह्मपुरी, सौम्या अस्थाना ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा:

"किशोरी के साथ छेड़छाड़ की शिकायत पर कानूनी कार्रवाई की गई थी। यदि कॉलोनी के निवासी दूसरे पक्ष के खिलाफ कोई लिखित शिकायत या साक्ष्य (Evidence) देते हैं, तो पुलिस उसकी भी निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करेगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नजर रखी जा रही है।"

UP Prime News का विश्लेषण:

शताब्दी नगर की यह घटना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। जहां एक तरफ महिला सुरक्षा का मामला है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों का पुलिस पर अविश्वास और पलायन की चेतावनी प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में 'दूध का दूध और पानी का पानी' कैसे करती है।


कोई टिप्पणी नहीं