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मुजफ्फरनगर अग्निकांड: सिलेंडर ब्लास्ट में उजड़ गया कानूनगो का परिवार, एक साथ जलीं मां और दो बेटों की चिताएं

 मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की वसुंधरा रेजीडेंसी में सोमवार को हुए गैस सिलेंडर ब्लास्ट और भीषण आग की चपेट में आने से देवबंद तहसील के कानूनगो अमित गौड़ (47), उनके छोटे भाई नितिन गौड़ (45) और उनकी वृद्ध माता सुशीला (70) की दर्दनाक मृत्यु हो गई। बुधवार को शुकतीर्थ में बाणगंगा नदी के किनारे गमगीन माहौल में तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मृतक अमित गौड़ की बेटियों और पत्नी की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

संस्कार के दौरान बेहाल पत्नी और बेटियां:-up prime news







हादसे की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि यह भीषण त्रासदी गैस रिसाव और जलती हुई अंगीठी के संपर्क में आने से शुरू हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मां सुशीला की मृत्यु अत्यधिक जलने के कारण हुई, जबकि कमरे में मौजूद अमित और नितिन की जान धुएं के कारण दम घुटने (Suffocation) से गई। आग इतनी विकराल थी कि घर में रखे दो गैस सिलेंडर एक के बाद एक फट गए, जिससे बचाव का कोई मौका नहीं मिला। इस घटना में पड़ोस में रहने वाले आदित्य राणा भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए मेरठ रेफर किया गया है।

वसुंधरा रेजीडेंसी के घर में लगी आग से जला समान:-up prime news








हैरान कर देने वाला तथ्य यह है कि जब यह हादसा हुआ, कानूनगो अमित गौड़ की पत्नी ऋचा और उनकी दो बेटियां अपने पालतू कुत्ते को टहलाने के लिए बाहर गई थीं। घर से धुआं निकलता देख जब वे वापस लौटीं, तब तक धमाकों के साथ आग पूरे घर में फैल चुकी थी। परिजनों के अनुसार, अमित गौड़ का परिवार मूल रूप से शामली का रहने वाला था और पिछले दो महीनों से मुजफ्फरनगर में किराये पर रह रहा था। अंतिम संस्कार के बाद पीड़ित पत्नी ऋचा अपनी बेटियों के साथ अपने मायके चली गई हैं।

हादसे के बाद कानूनगो की पत्नी ऋचा:-up prime news







खबर का बैकग्राउंड:

मृतक अमित गौड़ सहारनपुर की देवबंद तहसील में कानूनगो के पद पर तैनात थे और उनके दादा एक स्वतंत्रता सेनानी रहे थे। यह हादसा सोमवार शाम उस वक्त हुआ जब परिवार ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाकर बैठा था। गैस रिसाव के कारण चंद मिनटों में पूरा घर आग के गोले में तब्दील हो गया और परिवार के तीन मुख्य सदस्यों की जान चली गई।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस घटना ने आवासीय कॉलोनियों में फायर सेफ्टी और घरेलू गैस के सुरक्षित उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सर्दियों के मौसम में बंद कमरों के भीतर अंगीठी या हीटर का इस्तेमाल और गैस रिसाव के प्रति लापरवाही कितनी जानलेवा हो सकती है, यह हादसा इसका एक बड़ा सबक है। स्थानीय निवासियों में इस घटना के बाद से गहरा डर और दुख व्याप्त है।

UP Prime News एनालिसिस:

यह हादसा प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता के लिए एक चेतावनी है कि रिहायशी इलाकों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। गैस रिसाव की स्थिति में वेंटिलेशन की कमी और ज्वलनशील उपकरणों का पास होना एक सामान्य घर को भी श्मशान में बदल सकता है।

मुजफ्फरनगर | UP Prime News

Published: Wednesday, 31 Dec 2025 | 12:09 AM IST

By UP Prime News Desk



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