यूपी पुलिस का बड़ा एक्शन: दिल्ली से गिरफ्तार हुआ नाइजीरियाई ड्रग तस्कर, 2 करोड़ की हेरोइन बरामद
मथुरा: उत्तर प्रदेश पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। आगरा ज़ोन की ANTF यूनिट ने तकनीकी निगरानी और सटीक मुखबिरी के आधार पर दिल्ली से एक नाइजीरियाई ड्रग तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। आरोपी के पास से करीब 1 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
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| सांकेतिक फोटो :-up prime news |
कैसे बिछाया गया जाल?
इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 9 अक्टूबर को मथुरा जिले से हुई थी, जब पुलिस ने वकार (निवासी गुरुग्राम) और फैजान (निवासी सीलमपुर, दिल्ली) नामक दो तस्करों को दबोचा था। पूछताछ के दौरान इन दोनों ने खुलासा किया कि उन्हें ड्रग्स की सप्लाई दिल्ली में रहने वाला एक नाइजीरियाई नागरिक करता है। इसी लीड पर काम करते हुए एएनटीएफ ने कड़ियाँ जोड़ीं और मुख्य आरोपी तक पहुँचने में कामयाब रही।
किराए के मकान से हो रहा था नेटवर्क का संचालन
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 41 वर्षीय आइक प्रिंस के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नाइजीरिया के लागोस का रहने वाला है। एएनटीएफ की टीम ने 25 दिसंबर को दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके (मैदानगढ़ी थाना क्षेत्र) में छापेमारी कर उसे एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि आइक प्रिंस भारत में बिना किसी वैध पासपोर्ट और वीजा के अवैध रूप से रह रहा था और यहीं से अपना अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट चला रहा था।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके नेटवर्क के तार और किन-किन राज्यों या देशों से जुड़े हुए हैं।
पब्लिक इम्पैक्ट (जनता पर असर):
ड्रग्स का यह अवैध कारोबार न केवल युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है, बल्कि समाज में अपराध की जड़ों को भी मजबूत करता है। इस तरह की बड़ी गिरफ्तारियों से ड्रग्स की सप्लाई चेन टूटती है, जिससे नशे के बढ़ते चलन पर लगाम लगने की उम्मीद बढ़ती है।
UP Prime News Analysis:
यह गिरफ्तारी साबित करती है कि दिल्ली के रिहायशी इलाके अब विदेशी ड्रग तस्करों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन रहे हैं। यूपी पुलिस और एएनटीएफ का यह ज्वाइंट ऑपरेशन अंतर्राज्यीय अपराधों को रोकने में एक मिसाल है, लेकिन अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की ट्रैकिंग अभी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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