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वर्दी पर खून के छींटे: रिटायर्ड दरोगा ने बेटी के प्यार को दिया खौफनाक अंजाम, यमुना में दफ्न की 'पिता की ममता'!

 [UP Prime News | क्राइम डेस्क | आगरा/इटावा]

रिश्तों को शर्मसार और खाकी को दागदार करने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। UP Prime News आपके सामने ला रहा है एक ऐसे रिटायर्ड दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) की काली करतूत, जिसने अपनी ही 33 वर्षीय बेटी के प्यार का फैसला 'मौत' सुना कर किया। जिस पिता के कंधों पर कभी कानून की रक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने अपनी झूठी शान के लिए बेटी का गला घोंट दिया।

मृतका का फाइल फोटो और पुलिस हिरासत में आरोपी







क्या है पूरा मामला?

आगरा के रहने वाले रिटायर्ड दरोगा रणवीर सिंह की बेटी, अंशु यादव (33 वर्ष) फिरोजाबाद के रहने वाले अनुराग यादव से प्रेम करती थी। लेकिन यह रिश्ता परिवार को मंजूर नहीं था क्योंकि अनुराग रिश्ते में उनका भतीजा लगता था। पिता और परिवार इस रिश्ते को अपनी इज्जत के खिलाफ मानते थे।

24 अक्टूबर की वो काली रात

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंशु ने 24 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर अपने प्यार का सार्वजनिक इजहार किया था। यही बात उसके पिता को नागवार गुजरी। UP Prime News को मिली जानकारी के अनुसार, उसी रात रिटायर्ड दरोगा ने अपने बेटे और पत्नी के साथ मिलकर अपनी ही बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी।

हैरानी की बात यह है कि हत्या के बाद लाश को घर में नहीं रखा गया, बल्कि उसे ठिकाने लगाने के लिए आरोपी पिता ने अपने परिवार के साथ मिलकर शव को इटावा ले जाकर यमुना नदी में फेंक दिया।

शातिर दिमाग: खुद ही लिखवाई गुमशुदगी की रिपोर्ट

जुर्म को छिपाने के लिए रिटायर्ड दरोगा ने अपने पुलिसिया अनुभव का गलत इस्तेमाल किया। जब बेटी के प्रेमी अनुराग ने कोर्ट में 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) याचिका दायर की, तो खुद को बचाने के लिए पिता ने थाने में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। उसका मकसद पुलिस को गुमराह करना था।

कैसे खुला राज?

प्रेमी अनुराग की पैरवी और पुलिस के बढ़ते दबाव के आगे रिटायर्ड दरोगा का झूठ ज्यादा दिन नहीं टिक सका। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की, तो राज से पर्दा उठ गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने इटावा में यमुना नदी के किनारे से बेटी के कपड़े और एक मानव कंकाल बरामद किया है।

UP Prime News का अपडेट:

इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता (रणवीर), भाई और एक अन्य रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मृतक की मां और एक अन्य महिला अभी भी फरार बताई जा रही हैं, जिनकी तलाश जारी है।

निष्कर्ष:

यह घटना सवाल खड़ा करती है कि क्या 'झूठी शान' (Honor Killing) किसी की जान से ज्यादा कीमती है? एक पिता, जो कभी कानून का रखवाला था, आज अपनी ही बेटी का कातिल बनकर सलाखों के पीछे है।

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