महा-खुलासा: 100 करोड़ के 'नशीले सिरप' कांड में ED की एंट्री! माफिया का 50 करोड़ का बंगला और 70 बैंक खाते रडार पर, सपा कनेक्शन से मचा हड़कंप
लखनऊ/उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश में नशीली दवाओं के काले कारोबार को लेकर एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। UP Prime News की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, 100 करोड़ रुपये के नशीले कफ सिरप मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मोर्चा संभाल लिया है। इस जांच की आंच अब सफेदपोश नेताओं और बड़े माफियाओं तक पहुँचती दिख रही है।
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| कफ सिरप कांड |
100 करोड़ की बड़ी डील और ED का शिकंजा
मामले के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल द्वारा 100 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कीमत के कफ सिरप खरीदने की बात सामने आई है। जांच में पता चला है कि यह बड़ी खेप दिल्ली की 'एबॉट फार्मास्युटिकल्स' कंपनी से खरीदी गई थी, जिसे सहारनपुर के एक व्यापारी विभोर राणा ने बिक्री न होने के कारण वापस कर दिया था। ED अब यह पता लगा रही है कि शुभम जायसवाल जैसे आरोपियों के पास इतनी बड़ी रकम कहाँ से आई और इसके पीछे असली 'सिंडिकेट' किसका है।
70 बैंक खाते और 50 करोड़ का आलीशान महल
UP Prime News को मिली जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी की नजर माफिया की अकूत संपत्ति पर है।
मुख्य आरोपी और उसके करीबियों के 70 से ज्यादा बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है ताकि 'मनी ट्रेल' (पैसों के लेन-देन) का पता लगाया जा सके।
जांच के दौरान एक 50 करोड़ रुपये से अधिक की कीमत का आलीशान मकान भी सामने आया है, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान हैं। कई संदिग्ध बैंक खातों को पहले ही फ्रीज कर दिया गया है।
सियासी गलियारों में हड़कंप: सपा नेता का नाम आया सामने?
इस पूरे गोरखधंधे में अब राजनीतिक कनेक्शन भी जुड़ता नजर आ रहा है। जांच में खुलासा हुआ है कि शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल की जिस 'शैली ट्रेडर्स' फर्म के जरिए यह तस्करी होती थी, उसके ड्रग लाइसेंस और GST नंबर में एक समाजवादी पार्टी (सपा) नेता के भाई के मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड हैं।
सूत्रों के अनुसार, ये नंबर सपा की लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव रवि यादव के भाई मिलिंद यादव के बताए जा रहे हैं। मिलिंद यादव पर आरोप है कि वह शैली ट्रेडर्स के साथ मिलकर कफ सिरप की तस्करी में शामिल था।
UP Prime News की पैनी नजर
नशीले कफ सिरप का यह जाल रांची से लेकर यूपी, बिहार और त्रिपुरा तक फैला हुआ था। ED की गोपनीय जांच ने अब उन बड़े नामों की नींद उड़ा दी है जो अब तक पर्दे के पीछे रहकर करोड़ों का मुनाफा कमा रहे थे।
निष्कर्ष:
प्रदेश की जवानी को नशे की गर्त में धकेलने वाले इन अपराधियों पर अब कानून का शिकंजा कस चुका है। UP Prime News आपको इस मामले की हर छोटी-बड़ी अपडेट देता रहेगा।

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