यूपी में 500 करोड़ का कफ सिरप महाघोटाला! 2 करोड़ बोतलें, दुबई कनेक्शन और सफेदपोशों का काला खेल—पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी
लखनऊ/उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश में नशीले कफ सिरप की तस्करी के एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। UP Prime News की इस खास रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि कैसे खाकी, खादी और फार्मा कंपनियों की मिलीभगत से 500 करोड़ रुपये का यह काला साम्राज्य खड़ा किया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में इस सिंडिकेट की परतों ने राज्य के रसूखदारों की नींद उड़ा दी है।
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| कफ सिरफ कांड फोटो :- up prime news |
2.25 करोड़ बोतलें और 500 करोड़ का साम्राज्य
जांच में सामने आया है कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसका पिता भोला जायसवाल है। इन दोनों ने रांची स्थित 'शैली ट्रेडर्स' के जरिए करीब 2.24 करोड़ कफ सिरप की बोतलें खपा दीं। बाजार में इसकी कीमत 500 करोड़ रुपये से भी ज्यादा आंकी गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा कारोबार कागजी फर्मों के सहारे चल रहा था।
UP Prime News खुलासा: कैसे चलता था तस्करी का नेटवर्क?
शुभम जायसवाल ने तस्करी के लिए बहुत ही शातिर तरीका अपनाया था। उसने 13 अलग-अलग जिलों की 177 फर्जी फर्मों के नाम पर बिलिंग करवाई। इनमें से अधिकांश फर्में या तो बंद हो चुकी थीं या उनके लाइसेंस रद्द हो चुके थे।
प्लानिंग: यूपी के जिलों में फर्जी बिलिंग दिखाई जाती थी।
डिलीवरी: माल की पूरी खेप त्रिपुरा भेजी जाती थी।
बॉर्डर पार: त्रिपुरा से यह नशीला सिरप अवैध रूप से बांग्लादेश तस्करी किया जाता था।
दुबई भाग गया मास्टरमाइंड, रसूखदारों को मिली 'रिश्वत'
जब ईडी ने शुभम जायसवाल के पैतृक आवास और उसके चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विष्णु अग्रवाल के ठिकानों पर छापेमारी की, तो चौंकाने वाले दस्तावेज मिले।
नेताओं का संरक्षण: छापेमारी में आधा दर्जन से अधिक बड़े नेताओं और एक कुख्यात माफिया को दी गई करोड़ों की रिश्वत का ब्यौरा मिला है।
अफसरों की मिलीभगत: वाराणसी में तैनात रहे दो ड्रग इंस्पेक्टरों पर भी आरोप है कि उन्होंने ही बंद हो चुकी फर्मों का डेटा शुभम को उपलब्ध कराया था।
रेड कॉर्नर नोटिस: सूत्रों के अनुसार, शुभम जायसवाल रसूखदारों की मदद से दुबई भागने में कामयाब रहा है। अब ईडी उसके खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी करने की तैयारी में है।
दिग्गज फार्मा कंपनियां रडार पर, दर्ज होगी FIR
इस घोटाले की आंच अब बड़ी फार्मा कंपनियों तक पहुंच गई है। UP Prime News को मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस जल्द ही तीन बड़ी कंपनियों पर FIR दर्ज करने जा रही है।
Abbott Pharmaceuticals (बद्दी, हिमाचल): आरोप है कि एबॉट कंपनी ने शुभम जायसवाल को अपना 'सुपर स्टॉकिस्ट' बना दिया था, जबकि पहले के सप्लायर पकड़े जा चुके थे।
Laborate Pharma (पाोंटा साहिब): यह कंपनी भी जांच के दायरे में है। इन कंपनियों ने नियमों को ताक पर रखकर दागी फर्मों को भारी मात्रा में सिरप सप्लाई किया।
आगे क्या?
ईडी अब वाराणसी में बीते तीन सालों के दौरान तैनात रहे ड्रग इंस्पेक्टरों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। इस खुलासे के बाद यूपी की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।
ताजा अपडेट्स के लिए बने रहें UP Prime News के साथ।

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