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अयोध्या कनेक्शन: 2 करोड़ का ट्रांजेक्शन और '1777' वाली गाड़ियाँ; ड्रग सिंडिकेट ने ऐसे खुश किया पूर्वांचल के माफिया को!

 (UP Prime News - विशेष रिपोर्ट)

लखनऊ/वाराणसी: उत्तर प्रदेश में नशीले कफ सिरप सिंडिकेट की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हाथ एक ऐसी नस लग गई है, जिसने पूर्वांचल के माफिया जगत में खलबली मचा दी है। UP Prime News को मिली जानकारी के मुताबिक, नशे के इस काले कारोबार का पैसा अब बाहुबलियों की लक्जरी लाइफस्टाइल और चुनावी तैयारी में इस्तेमाल हो रहा है।

जांच में सामने आया है कि सिंडिकेट के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के करीबी की फर्म से 2 करोड़ रुपये अयोध्या की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को भेजे गए, जिसका सीधा कनेक्शन एक माफिया के रिश्तेदार को गिफ्ट की गई 'लैंड क्रूजर' गाड़ी से जुड़ रहा है।

शुभम जैसवाल फोटो :-up prime news







क्या है पूरा मामला? (The Inside Story)

ED की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अधिकारियों को पुख्ता सुराग मिले हैं कि शुभम जायसवाल के रिश्तेदार की फर्म से अयोध्या की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।

मनी ट्रेल का खुलासा: यह पैसा कोई साधारण लेन-देन नहीं था। शक है कि इस रकम का इस्तेमाल जौनपुर के टोयोटा शोरूम से एक लैंड क्रूजर (Land Cruiser) गाड़ी खरीदने के लिए किया गया।

माफिया को गिफ्ट: जांच एजेंसियों का मानना है कि यह महंगी गाड़ी पूर्वांचल के एक माफिया के रिश्तेदार को बतौर 'गिफ्ट' दी गई थी। अब ED वाराणसी की फर्म और अयोध्या की कंपनी के बीच की हर कड़ी को खंगाल रही है।

3 साल पुरानी कंपनी और संदेह के घेरे में ट्रांजेक्शन

UP Prime News सूत्रों के अनुसार, जौनपुर टोयोटा शोरूम से मिले इनपुट के बाद जब ED ने अयोध्या की उस कंपनी की कुंडली खंगाली, तो पता चला कि वह कंपनी महज 3 साल पहले बनी थी।

हैरानी की बात यह है कि गाड़ी खरीदने के लिए जो पैसा ट्रांसफर किया गया, उससे पहले कंपनी के खाते में कोई बड़ा लेन-देन नहीं हुआ था।

अचानक इतनी बड़ी रकम का आना और उससे गाड़ी खरीदा जाना यह साफ इशारा करता है कि नशे के सिंडिकेट को माफिया का संरक्षण (Protection) प्राप्त था।

'1777' सीरीज का शौक और चुनावी तैयारी

जांच का दायरा सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं है, बल्कि गाड़ियों के नंबर भी रडार पर हैं।

VIP नंबर का खेल: माफिया के जिस रिश्तेदार (कंपनी संचालक का भाई) के पास यह गाड़ियाँ हैं, उसे 1777, 9777 और 1111 जैसी वीआईपी सीरीज की लक्जरी गाड़ियों का शौक है।

चुनावी कनेक्शन: बताया जा रहा है कि यह शख्स आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटा है।

अचानक आई रईसी: ED दोनों भाइयों का बैकग्राउंड चेक कर रही है। जांच में सामने आया है कि जो भाई आज करोड़ों की गाड़ियों में घूम रहे हैं, वे कुछ साल पहले तक मोटरसाइकिल से चला करते थे। उनमें से एक भाई बिजली विभाग में ठेकेदारी करता है।

विदेश यात्राएं भी रडार पर

बीते एक साल में इन लोगों द्वारा की गई तमाम विदेश यात्राएं भी अब जांच के दायरे में हैं। UP Prime News की नजर इस खबर पर बनी हुई है कि आखिर नशे के इस कारोबार से और कितने सफेदपोश और बाहुबली जुड़े हैं। ED जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़े नाम उजागर कर सकती है।




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