UP Schools News: योगी सरकार का बड़ा फैसला, अब स्कूलों में अनिवार्य होगा अखबार पढ़ना और लाइब्रेरी जाना
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्कूली शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों में रचनात्मकता बढ़ाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों के लिए रोजाना अखबार पढ़ना और लाइब्रेरी का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत को कम करना और उनमें पढ़ने की स्वस्थ आदत (Reading Habit) को विकसित करना है।
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अखबारों पर होगी ग्रुप डिस्कशन और न्यूज़ कटिंग
माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में अखबार और मैगजीन की व्यवस्था की जाएगी। छात्र न केवल अखबार पढ़ेंगे, बल्कि क्लास में उन खबरों पर सामूहिक चर्चा (Group Discussion) भी करेंगे। इसके अलावा, महत्वपूर्ण खबरों की 'न्यूज़ कटिंग' तैयार करना भी उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा।
लाइब्रेरी से हर हफ्ते मिलेगी एक नई किताब
शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सरकार ने निर्देश दिया है कि हर छात्र को हर हफ्ते लाइब्रेरी से अनिवार्य रूप से एक किताब जारी की जाएगी। यह किताब उनके सिलेबस (Textbooks) से अलग होगी, जैसे कि महापुरुषों की जीवनी, प्रेरणादायी कहानियाँ या उपन्यास। इसका उद्देश्य छात्रों के भीतर स्वतंत्र सोच और भाषा पर पकड़ को मजबूत करना है।
छात्र खुद तैयार करेंगे स्कूल की मैगजीन
इस नई पहल के तहत हर स्कूल को अपनी एक न्यूज़पेपर या मैगजीन तैयार करनी होगी। खास बात यह है कि इसका संपादन (Editing) और लेखन खुद छात्र ही करेंगे। इससे बच्चों की लेखन क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल (Communication Skills) में सुधार होगा। साथ ही, प्रार्थना सभा में छात्रों को अपनी पढ़ी हुई किताबों का सारांश (Summary) सुनाने का भी मौका मिलेगा।
'बुके नहीं, बुक' अभियान की शुरुआत
राज्य सरकार ने 'बुके नहीं, बुक' अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत अब स्कूलों में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विजेताओं और प्रतिभागियों को फूलों के गुलदस्ते या ट्रॉफी के बजाय किताबें भेंट की जाएंगी। जो छात्र महीने में सबसे ज्यादा किताबें पढ़ेंगे, उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।
सार्वजनिक प्रभाव और विश्लेषण
Public Impact: इस फैसले से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के उन छात्रों को सीधा फायदा होगा, जिनकी पहुँच डिजिटल संसाधनों तक तो है, लेकिन वे गुणवत्तापूर्ण साहित्य से दूर होते जा रहे हैं। अखबार पढ़ने से उनका सामान्य ज्ञान (General Knowledge) बढ़ेगा और वे देश-दुनिया की घटनाओं से जुड़ सकेंगे।
Journalist Analysis: डिजिटल युग में बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करना एक बड़ी चुनौती है। योगी सरकार का यह फैसला शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे व्यावहारिक और जागरूक बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। अखबार और लाइब्रेरी के जुड़ाव से आने वाली पीढ़ी में तार्किक सोच और विश्लेषण करने की क्षमता विकसित होगी।

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