UP में कड़ाके की ठंड ने ली दो मासूमों की जान: महज 3 घंटे के अंदर भाई-बहन की मौत से इलाके में हड़कंप, सीने में जकड़न और उल्टी बनी काल!
सोनभद्र | उत्तर प्रदेश | UP Prime News
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने हंसते-खेलते एक परिवार की खुशियाँ उजाड़ दीं। महज 3 घंटे के भीतर एक ही घर के दो मासूम बच्चों की मौत ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है।
![]() |
| भाई - बहन फोटो :-up prime news |
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना कोन थाना क्षेत्र के गिधिया गांव की है। यहाँ के निवासी विकास कुशवाहा रोजगार के सिलसिले में घर से बाहर रहते हैं। घर पर उनकी पत्नी पूजा अपने दो बच्चों के साथ रहती थी। सोमवार की रात अचानक 3 महीने के मासूम बेटे अंशु की तबीयत बिगड़ गई। उसे सर्दी-खांसी और उल्टी की शिकायत थी। मां ने घरेलू उपचार किया, लेकिन सुबह तक हालत और गंभीर हो गई।
अस्पताल पहुँचते ही मासूम ने तोड़ा दम
परिजनों ने बताया कि अंशु को आनन-फानन में पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। कलेजे के टुकड़े की मौत से परिवार में मातम छा गया। परिजन अभी बेटे का शव लेकर घर पहुँचे ही थे कि कुदरत ने दूसरा वार कर दिया।
3 घंटे के भीतर ही चली गई दूसरी जान
अभी मासूम अंशु के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी कि तभी उसकी 4 वर्षीय बड़ी बहन अनन्या की भी हालत अचानक बिगड़ने लगी। उसे भी लगातार उल्टी और सीने में जकड़न महसूस होने लगी। घबराए परिजन उसे तुरंत रॉबर्ट्सगंज के अस्पताल ले गए, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महज 3 घंटे के अंतराल में दो बच्चों की मौत से मां पूजा का रो-रोकर बुरा हाल है।
UP Prime News की रिपोर्ट: प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
इस घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रशासन और डॉक्टरों का प्राथमिक तौर पर मानना है कि बच्चों की तबीयत अत्यधिक ठंड लगने (Cold Stroke) के कारण बिगड़ी थी। फिलहाल प्रशासन ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। UP Prime News से बात करते हुए अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के सटीक कारणों का पता चल पाएगा।
सावधान रहें:
उत्तर प्रदेश में इन दिनों शीतलहर का प्रकोप जारी है। UP Prime News अपने पाठकों से अपील करता है कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। सीने में जकड़न, सांस लेने में तकलीफ या लगातार उल्टी होने पर घरेलू नुस्खों के बजाय तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें।

कोई टिप्पणी नहीं