वाराणसी के बुनकरों की बदलेगी तकदीर! योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला- 75 एकड़ में बनेगा हाई-टेक 'संत कबीर' वस्त्र पार्क
लखनऊ/वाराणसी: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पूर्वांचल के विकास और बुनकरों के उत्थान के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वाराणसी के लिए बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक में न केवल वाराणसी में 75 एकड़ में एक विशाल टेक्सटाइल पार्क बनाने का निर्णय लिया गया, बल्कि पूरे क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए 'काशी-विंध्य विकास प्राधिकरण' के गठन को भी मंजूरी दे दी गई है।
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| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ :- up prime news |
वाराणसी के रमना में बनेगा 'संत कबीर वस्त्र एवं परिधान पार्क'
UP Prime News के अनुसार, वाराणसी के बुनकरों और वस्त्र कारोबारियों के लिए यह खबर किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। वाराणसी के रमना इलाके में 75 एकड़ की जमीन पर 'संत कबीर वस्त्र एवं परिधान पार्क' की स्थापना की जाएगी।
इस पार्क की मुख्य विशेषताएं:
PM मित्र योजना के तहत निर्माण: यह पार्क प्रधानमंत्री मित्र पार्क योजना के तहत विकसित किया जाएगा।
सब कुछ एक छत के नीचे: उद्यमियों और बुनकरों को कताई, बुनाई, रंगाई, छपाई और प्रोसेसिंग की सारी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी।
आधुनिक तकनीक और ट्रेनिंग: बुनकरों और उनके बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए NIFT (National Institute of Fashion Technology) के जरिए ट्रेनिंग भी दिलाई जाएगी।
ईको-फ्रेंडली प्रोजेक्ट: इस पूरे टेक्सटाइल पार्क को सौर ऊर्जा (Solar Energy) से संचालित करने की योजना है।
MSME मंत्री राकेश सचान ने बताया कि इस पार्क के लिए हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग को 75 एकड़ भूमि हस्तांतरित की जाएगी। यह पार्क वाराणसी के वस्त्र उद्योग के लिए 'मील का पत्थर' साबित होगा।
काशी-विंध्य विकास प्राधिकरण: 7 जिलों की चमकेगी किस्मत
सिर्फ वाराणसी ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल के विकास को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने 'काशी-विंध्य विकास प्राधिकरण' के गठन को हरी झंडी दे दी है। इस प्राधिकरण के दायरे में कुल 7 जिले शामिल होंगे:
वाराणसी
जौनपुर
चंदौली
गाजीपुर
मिर्जापुर
भदोही
सोनभद्र
क्यों खास है यह फैसला?
इस नए प्राधिकरण के गठन से लगभग 2 करोड़ की आबादी को सीधा फायदा मिलेगा। इसके माध्यम से इन सात जिलों में बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा, रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और शहर का विस्तार योजनाबद्ध (Planned Development) तरीके से हो सकेगा। खास बात यह है कि इस प्राधिकरण के विकास कार्य से सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
निष्कर्ष
योगी कैबिनेट के इन फैसलों से न केवल वाराणसी के विश्वप्रसिद्ध बुनकरों को वैश्विक मंच मिलेगा, बल्कि पूर्वांचल का क्षेत्रीय विकास भी नई ऊंचाइयों को छुएगा। UP Prime News की इस रिपोर्ट से साफ है कि आने वाले समय में वाराणसी और आस-पास के जिले उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर के नए हब बनने जा रहे हैं।

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