कुख्यात अपराधी विनय त्यागी की मौत, पुलिस कस्टडी में लगी थीं 3 गोलियां
मेरठ/ऋषिकेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में दशकों तक आतंक का पर्याय रहे कुख्यात अपराधी विनय त्यागी उर्फ टिंकू त्यागी के खौफनाक अध्याय का अंत हो गया है। शनिवार की सुबह ऋषिकेश एम्स में इलाज के दौरान विनय त्यागी ने दम तोड़ दिया। पुलिस अभिरक्षा में हुए जानलेवा हमले के बाद उसे गंभीर हालत में यहाँ भर्ती कराया गया था। देर रात भारी सुरक्षा के बीच बृजघाट में उसका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
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पुलिस कस्टडी में हुआ था हमला
यह घटना बीते बुधवार की है, जब विनय त्यागी को रुड़की जेल से लक्सर कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। लक्सर क्षेत्र में एक फ्लाईओवर के पास जाम का फायदा उठाकर बाइक सवार नकाबपोश हमलावरों ने पुलिस वैन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस हमले में विनय को तीन गोलियां लगी थीं, जबकि दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
बचपन की 'गलत संगत' ने बनाया सुपारी किलर
मुजफ्फरनगर के पुरकाजी थाना क्षेत्र के खाईखेड़ी गांव का रहने वाला विनय त्यागी एक सम्मानित परिवार से ताल्लुक रखता था। उसके पिता मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में तैनात थे और उसका बचपन सरकारी परिसर में ही बीता। परिजनों ने उसे बेहतर भविष्य के लिए कैंट के नामी स्कूल में दाखिला दिलाया, लेकिन गलत संगत के कारण वह अपराध की दलदल में उतरता चला गया। धीरे-धीरे वह एक शार्प शूटर और सुपारी किलर के रूप में उभरा।
52 से अधिक संगीन मामले और राजनीतिक कनेक्शन
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विनय त्यागी पर हत्या, रंगदारी और लूट जैसे 52 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। साल 2021 के प्रवीण शर्मा डबल मर्डर केस में भी उसका नाम प्रमुखता से आया था। अपराध के साथ-साथ उसने राजनीति में भी पैर जमाने की कोशिश की। उसकी पत्नी निशी त्यागी दो बार ब्लॉक प्रमुख रहीं, जबकि विनय ने खुद देवबंद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि उसे वहां हार का सामना करना पड़ा।
करोड़ों का विवाद और पारिवारिक दूरी
विनय की काली कमाई और अपराधों से आहत होकर उसके 86 वर्षीय पिता सेवाराम त्यागी ने उससे नाता तोड़ लिया था। हालिया विवाद 750 करोड़ रुपये और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी से जुड़ा बताया जा रहा है। विनय की बहन ने आरोप लगाया है कि एक ठेकेदार के साथ पैसों के लेनदेन और गहनों के विवाद के चलते ही उसकी हत्या की साजिश रची गई।
जनता पर प्रभाव और विश्लेषण
विनय त्यागी की मौत से पश्चिमी यूपी के व्यापारियों और आम जनता ने राहत की सांस ली है

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