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मुरादाबाद BLO आत्महत्या मामला: अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को दी आर्थिक मदद, मृतक की बेटियों को भी सौंपी सहायता राशि

 लखनऊ/मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश):

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुरादाबाद के मृतक बीएलओ (BLO) सर्वेश जाटव के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की है। शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने मृतक की पत्नी को दो लाख रुपये का चेक और उनकी चारों बेटियों को 11-11 हजार रुपये की नकद सहायता राशि सौंपी।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव फोटो :-up prime news







मुरादाबाद के भोजपुर क्षेत्र के बहेड़ी गांव के रहने वाले बीएलओ सर्वेश जाटव ने कथित तौर पर काम के भारी दबाव और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई के डर से आत्महत्या कर ली थी। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव और कांठ विधायक कमाल अख्तर के नेतृत्व में पीड़ित परिजन लखनऊ पहुंचे थे। सपा मुखिया ने परिवार को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि पार्टी उनके साथ खड़ी है।

मृतक के परिजनों ने बताया कि सर्वेश जाटव एसआईआर (SIR) ड्यूटी और काम समय पर पूरा न होने पर एफआईआर (FIR) या जेल भेजने की धमकियों से गहरे तनाव में थे। इसी डर के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। परिजनों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें 2 करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही, उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है जिन्होंने सर्वेश पर अनुचित दबाव बनाया था।

खबर का बैकग्राउंड:

बीएलओ सर्वेश जाटव ने कुछ समय पहले काम के अत्यधिक बोझ और अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की चेतावनी से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी। समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे को विधानसभा सत्र के दौरान भी उठाया था और योगी सरकार पर कर्मचारियों के मानसिक शोषण का आरोप लगाया था।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस घटना ने सरकारी कर्मचारियों, विशेषकर शिक्षकों और बीएलओ पर चुनावी कार्यों के भारी दबाव को उजागर किया है। यह मामला प्रशासन को जमीनी स्तर के कर्मचारियों की मानसिक स्थिति और कार्यभार की समीक्षा करने के लिए बाध्य कर सकता है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

UP Prime News एनालिसिस:

विपक्ष द्वारा आर्थिक मदद देना एक सराहनीय कदम है, लेकिन यह मामला केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहिए। मूल प्रश्न प्रशासनिक तंत्र में कार्यशैली और कर्मचारियों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव का है, जिस पर निष्पक्ष जांच और सुधार की आवश्यकता है।

लखनऊ | UP Prime News

Published: 10 Jan 2026 | 09:30 PM IST

By UP Prime News Desk



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