Ayodhya Ram Mandir: मकर संक्रांति पर रामलला को लगेगा खिचड़ी का विशेष भोग, 15 जनवरी को उमड़ेंगे लाखों श्रद्धालु
अयोध्या (उत्तर प्रदेश):
रामनगरी अयोध्या में मकर संक्रांति के पावन पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इस वर्ष 15 जनवरी को मनाए जाने वाले इस त्योहार पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान रामलला को विशेष रूप से 'खिचड़ी' का भोग लगाया जाएगा। मंदिर प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रामलला की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी और उन्हें तिल, गुड़ और अन्य सात्विक पदार्थों का अर्पण किया जाएगा। मान्यता है कि मकर संक्रांति पर खिचड़ी और तिल का दान और सेवन अत्यंत शुभ होता है।
![]() |
| रामनगरी अयोध्या फोटो :- up prime news |
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य देव मकर राशि में 14 जनवरी की रात 9:39 बजे प्रवेश करेंगे। चूंकि संक्रांति का पुण्यकाल सूर्योदय के बाद ही मान्य होता है, इसलिए उदयातिथि के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इस अवसर पर सुबह से दोपहर 1:39 बजे तक पुण्य काल रहेगा, जो दान और स्नान के लिए विशेष फलदायी माना गया है। रामलला के दर्शन के लिए देश भर से श्रद्धालुओं के भारी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
सिर्फ राम मंदिर ही नहीं, बल्कि पूरी अयोध्या में उत्सवी माहौल रहेगा। हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल सहित अन्य प्रमुख मठ-मंदिरों में भी भगवान को तिल और खिचड़ी का भोग अर्पित किया जाएगा। मणिराम दास की छावनी, श्रीराम वल्लभकुंज, हनुमान बाग और सियाराम किला जैसे स्थानों पर 'खिचड़ी भोज' का आयोजन होगा और श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा जाएगा। साथ ही, सरयू स्नान के बाद साधु-संतों और जरूरतमंदों को कंबल, अन्न और वस्त्र दान करने की परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।
खबर का बैकग्राउंड:
मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है जो सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है। अयोध्या में इस दिन सरयू नदी में स्नान, रामलला के दर्शन और खिचड़ी दान करने की प्राचीन परंपरा है। राम मंदिर निर्माण के बाद से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और त्योहार की भव्यता में भारी वृद्धि हुई है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस आयोजन से अयोध्या में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों के लिए यह समय आर्थिक रूप से लाभकारी रहेगा। हालांकि, भारी भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए श्रद्धालुओं को प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करना होगा ताकि वे सुगमता से दर्शन और प्रसाद ग्रहण कर सकें।
UP Prime News एनालिसिस:
अयोध्या में मकर संक्रांति का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को भी दर्शाता है। रामलला को ऋतु अनुकूल भोग (खिचड़ी) लगाना यह संदेश देता है कि परंपराएं आज भी समाज के केंद्र में हैं।
अयोध्या | UP Prime News
Published: 10 Jan 2026 | 06:35 AM IST
By UP Prime News Desk

कोई टिप्पणी नहीं