Amitabh Thakur Encounter Fear: पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को सताया एनकाउंटर का डर, पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर लगाए गंभीर आरोप
देवरिया (उत्तर प्रदेश):
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। देवरिया जेल में बंद अमिताभ ठाकुर को शनिवार को सीजेएम कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। पेशी के दौरान और वापस जेल जाते समय उन्होंने मीडिया के सामने आशंका जताई कि उनका 'फेक एनकाउंटर' किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के वक्त उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है, जिसके चलते वे पूरी रात घबराते रहे।
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| पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर फोटो :- up prime news |
अमिताभ ठाकुर का दावा है कि वे कोडीन कफ सिरप (Codeine Cough Syrup) के अवैध कारोबार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल करने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस और प्रशासन असली मुजरिमों को बचाने का प्रयास कर रहा है। ठाकुर ने सीधे तौर पर पूर्व सांसद धनंजय सिंह और कुछ अन्य भाजपा नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि उनकी जान को इन्हीं लोगों से खतरा है।
पूर्व आईपीएस ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण में शुभम जायसवाल नाम का व्यक्ति केवल एक 'प्यादा' है, जबकि असली खिलाड़ी पर्दे के पीछे हैं। अमिताभ ठाकुर ने मांग की है कि गिरफ्तारी के समय पुलिस द्वारा जब्त किए गए उनके सामान और सबूतों को सुरक्षित रखा जाए, क्योंकि उनमें कफ सिरप माफिया के खिलाफ अहम जानकारी मौजूद है। गौरतलब है कि कोर्ट द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद उन्होंने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है।
खबर का बैकग्राउंड:
अमिताभ ठाकुर एक पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं जो अक्सर अपने बयानों और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उन्हें धोखाधड़ी और अन्य आरोपों में गिरफ्तार कर देवरिया जेल भेजा गया था। ठाकुर का आरोप है कि उन्हें एक साजिश के तहत फंसाया गया है ताकि वे ड्रग माफिया के खिलाफ आवाज न उठा सकें।
पब्लिक इम्पैक्ट:
एक पूर्व आईपीएस अधिकारी द्वारा पुलिस कस्टडी में एनकाउंटर का डर जताना आम जनता के बीच कानून व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा करता है। यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जेल सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। साथ ही, नशीले कफ सिरप के अवैध कारोबार का मुद्दा समाज के स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक संवेदनशील विषय है।
UP Prime News एनालिसिस:
यह मामला अब केवल कानूनी न होकर राजनीतिक रंग भी लेता दिख रहा है। अमिताभ ठाकुर द्वारा पूर्व सांसद और सत्ताधारी दल के नेताओं का नाम लेना प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए क्या कदम उठाती है।
देवरिया | UP Prime News
Published: January 3, 2026 | 05:23 PM IST
By UP Prime News Desk
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