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कानपुर: दरोगा की कार और मौजूदगी में नाबालिग से रेप, डीसीपी हटाए गए; इंस्पेक्टर-एसआई निलंबित, आरोपी फरार

 कानपुर (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सचेंडी थाना क्षेत्र में एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने खाकी की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस आयुक्त ने लापरवाही और मिलीभगत के आरोप में डीसीपी पश्चिम दिनेश कुमार त्रिपाठी को उनके पद से हटा दिया है। इसके साथ ही सचेंडी के थाना प्रभारी विक्रम सिंह और आरोपी दरोगा अमित मौर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह को सौंपी गई है।

सांकेतिक फोटो :-up prime news








घटना के तथ्यों के मुताबिक, सोमवार रात को नाबालिग किशोरी को घर के पास से जबरन एक काली स्कार्पियो कार में बैठाया गया और रेलवे लाइन के किनारे ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। जांच में सामने आया है कि जिस काली कार में यह वारदात हुई, वह दरोगा अमित मौर्य की थी और घटना के वक्त दरोगा भी मौके पर मौजूद था। मुख्य आरोपी यू-ट्यूबर और खुद को पत्रकार बताने वाला शिवबरन यादव है, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि शिवबरन और दरोगा अमित मौर्य के बीच गहरी दोस्ती थी।

इस मामले में पुलिस की भूमिका बेहद संदिग्ध रही। आरोप है कि थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने घटना को छिपाने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने में अहम भूमिका निभाई। शुरुआत में पॉक्सो एक्ट की धारा भी नहीं लगाई गई थी और उल्टे पीड़िता के भाई को ही हिरासत में लेकर धमकाया गया। मामले ने जब तूल पकड़ा और डीजीपी तक गूंज पहुंची, तब जाकर जिम्मेदारों पर गाज गिरी। फिलहाल आरोपी दरोगा अमित मौर्य फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें और क्राइम ब्रांच छापेमारी कर रही है। वहीं, केजीएमयू के डॉक्टरों की कमेटी ने पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट वीसी को सौंप दी है।

खबर का बैकग्राउंड:

पीड़िता सोमवार रात करीब 12 बजे बदहवास हालत में घर लौटी थी और उसने परिजनों को काली कार सवार दो युवकों द्वारा अगवा कर गलत काम करने की बात बताई थी। दरोगा अमित मौर्य का तीन दिन पहले बिठूर तबादला हो चुका था, लेकिन वह रिलीव नहीं हुआ था। घटना के बाद एफआईआर दर्ज होने पर वह फरार हो गया था।

पब्लिक इम्पैक्ट:

कानून के रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो आम जनता का भरोसा डगमगाना लाजमी है। दरोगा की गाड़ी और उसकी मौजूदगी में रेप जैसी घटना ने कानपुर के लोगों में भारी गुस्सा और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। लोग अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

UP Prime News एनालिसिस:

पुलिस कमिश्नर द्वारा डीसीपी और थानेदार पर की गई कार्रवाई डैमेज कंट्रोल और जवाबदेही तय करने की दिशा में सही कदम है, लेकिन एक दरोगा का अपराधी के साथ मौके पर होना विभाग के भीतर गहरे तक पैठ बना चुके भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता को उजागर करता है।

KANPUR | UP Prime News

Published: 08 January 2026 | 07:37 AM IST

By UP Prime News Desk








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