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कपसाड़ कांड: मुख्य आरोपी पारस सोम 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल, पीड़ित बेटी रूबी के कोर्ट में दर्ज हुए बयान

 मेरठ (उत्तर प्रदेश):

मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र स्थित कपसाड़ गांव में हुई सनसनीखेज हत्या और अपहरण की वारदात में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी पारस सोम को रविवार शाम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मेरठ की सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता और पुलिस के तथ्यों को देखते हुए आरोपी पारस सोम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

पारस सोम फोटो :- up prime news







अदालती कार्रवाई के दौरान कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और लोगों की भारी भीड़ जमा रही। पारस सोम पर अपने साथियों के साथ मिलकर एक दलित महिला सुनीता की हत्या करने और उनकी बेटी रूबी का अपहरण करने का आरोप है। पुलिस ने शनिवार को दोनों को उत्तराखंड के हरिद्वार से बरामद किया था, जिसके बाद आज उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।

आरोपी की पेशी से पहले, पुलिस ने कड़ी गोपनीयता बरतते हुए पीड़ित युवती रूबी को एसीजेएम द्वितीय की कोर्ट में पेश किया। यहाँ करीब 50 मिनट तक बंद कमरे में रूबी के बयान दर्ज किए गए। हालांकि, वकीलों के अनुसार पारस सोम ने खुद को बेकसूर बताया है और दावा किया जा रहा है कि युवती ने भी उसके पक्ष में बयान दिए हैं। बयानों की असल सच्चाई कोर्ट में पेश होने वाली सीलबंद रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

खबर का बैकग्राउंड:
मेरठ के कपसाड़ गांव में पिछले दिनों दलित महिला सुनीता की हत्या कर दी गई थी और उनकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में पारस सोम को मुख्य आरोपी बनाया गया था। पुलिस कई दिनों से उनकी तलाश में जुटी थी और अंततः हरिद्वार से उन्हें बरामद करने में सफलता हासिल की।


पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और विशेषकर दलित समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। आरोपी की गिरफ्तारी और उसे जेल भेजे जाने से स्थानीय जनता में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। युवती के बयानों और कोर्ट के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह मामला सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा हुआ है।


UP Prime News एनालिसिस:
इस मामले में युवती के बयान सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे। कानून की नजर में आरोपी को हिरासत में भेजना प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन सत्यता की पुष्टि केवल निष्पक्ष न्यायिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही संभव है।

[मेरठ] | UP Prime News
Published: 11 Jan 2026 | 09:00 PM IST
By UP Prime News Desk

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