कन्नौज: जेल की दीवार फांदकर फरार हुआ 50 हजार का इनामी कैदी मुठभेड़ में गिरफ्तार, प्रेमिका से मिलने के चक्कर में चढ़ा पुलिस के हत्थे
उत्तर प्रदेश (कन्नौज):
कन्नौज पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जिला कारागार से फरार हुए शातिर कैदी शिवा उर्फ डिंपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, गुरसहायगंज क्षेत्र के मुरादगंज क्रॉसिंग के पास घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली शिवा के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। उसे तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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| फोटो : UP prime news |
पकड़ा गया कैदी शिवा 5 जनवरी को कन्नौज जिला जेल की 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच में सामने आया कि जेल से भागने के बाद शिवा नोएडा चला गया था, जहाँ उसने अपने एक दोस्त के आधार कार्ड पर नया मोबाइल और सिम खरीदा। पुलिस शिवा की प्रेमिका के मोबाइल को पहले ही सर्विलांस पर लगा चुकी थी। जैसे ही शिवा ने 12 जनवरी से अपनी प्रेमिका को फोन करना शुरू किया, पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई। वह अपनी प्रेमिका से मिलने तालग्राम जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि चेकिंग के दौरान संदिग्ध की सूचना मिली थी। जब टीम ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने आत्मरक्षार्थ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें शिवा घायल हो गया। फिलहाल पुलिस शिवा के उस दूसरे साथी की तलाश कर रही है जिसने जेल से भागने में उसकी मदद की थी। 14 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को यह सफलता मिली है।
खबर का बैकग्राउंड:
शिवा उर्फ डिंपी दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद था। 4 जनवरी की रात, जब पूरा प्रशासन नववर्ष के जश्न और सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्त था, शिवा ने एक अन्य कैदी के साथ मिलकर जेल से भागने की साजिश रची। उन्होंने कंबल को फाड़कर रस्सी बनाई और जेल की 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग निकले। इस घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें अलग-अलग राज्यों में उसकी तलाश कर रही थीं।
पब्लिक इम्पैक्ट:
जेल से एक संगीन अपराधी का फरार होना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा था। इस गिरफ्तारी से स्थानीय जनता ने राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। हालांकि, जेल प्रशासन की सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक ने सरकारी तंत्र की सतर्कता पर बहस छेड़ दी है।
UP Prime News एनालिसिस:
अपराधी को पकड़ने में सर्विलांस तकनीक और पुलिस की रणनीतिक घेराबंदी ने अहम भूमिका निभाई है। यह मामला दर्शाता है कि डिजिटल फुटप्रिंट अपराधियों को पकड़ने में सबसे बड़ा हथियार साबित हो रहे हैं, लेकिन साथ ही जेलों की बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की आवश्यकता है।
कन्नौज | UP Prime News
Published: 20 जनवरी, 2026 | 09:28 PM IST
By UP Prime News Desk

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जवाब देंहटाएंधन्यवाद आप का कॉमेंट करने के लिए
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