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कानपुर: सात साल की मासूम की गवाही ने मां और उसके प्रेमी को भिजवाया जेल, पति की हत्या के मामले में उम्रकैद

 उत्तर प्रदेश:

कानपुर की एक स्थानीय अदालत ने पति की हत्या के सनसनीखेज मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला जज (संख्या 20) नीलांजना ने मृतक की पत्नी नेहा और उसके प्रेमी आयुष शर्मा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस पूरे मामले में सबसे अहम मोड़ सात साल की मासूम बेटी की गवाही रही, जिसने अपनी आंखों से मां को पिता की हत्या करते देखा था।

कानपुर कोर्ट द्वारा हत्या के मामले में दोषी करार दी गई महिला और उसका प्रेमी पुलिस कस्टडी में।
फोटो : UP prime news








मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मासूम बच्ची ने कोर्ट में बताया कि उसने कंबल के अंदर छिपकर देखा था कि कैसे उसकी मां नेहा और आयुष अंकल ने मिलकर पिता को सफेद पाउडर जैसा जहर पिलाया था। बच्ची ने कोर्ट को यह भी बताया कि जहर पीने के बाद उसके पिता के खर्राटे बंद हो गए और फिर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद नेहा ने अपनी बेटी को डराया-धमकाया भी था कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसे भी मार दिया जाएगा।

पुलिस जांच और अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना मार्च 2024 की है। किदवई नगर निवासी पुनीत कुमार शर्मा के बेटे प्रतीक का विवाह 2017 में नेहा से हुआ था। नेहा का अपने पति के दोस्त आयुष शर्मा के साथ प्रेम संबंध था। इसी के चलते दोनों ने मिलकर प्रतीक को रास्ते से हटाने की साजिश रची। लखनऊ के एक होटल में प्रतीक को शराब में जहर देकर मार दिया गया और बिना किसी को सूचित किए उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। होटल मैनेजर की गवाही और रजिस्टर की एंट्री ने भी पुलिस केस को मजबूत बनाया।

खबर का बैकग्राउंड:

प्रतीक और नेहा के दो बच्चे हैं। 6 मार्च 2024 को परिवार घर से निकला था, लेकिन कुछ दिन बाद नेहा केवल बच्चों के साथ लौटी और पति की कार खराब होने का बहाना बनाया। शक होने पर प्रतीक के पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने होटल के रिकॉर्ड और सीसीटीवी की मदद से इस पूरी साजिश का पर्दाफाश किया।

पब्लिक इम्पैक्ट:

यह मामला समाज में रिश्तों के गिरते स्तर और अपराध की भयावहता को दर्शाता है। कोर्ट का यह त्वरित फैसला अपराधियों में कानून का डर पैदा करेगा और न्याय प्रणाली में जनता का विश्वास मजबूत करेगा। साथ ही, यह केस एक उदाहरण है कि अपराध को छिपाने के लिए की गई धमकियां सच को सामने आने से नहीं रोक सकतीं।

UP Prime News एनालिसिस:

इस मामले में परिस्थितिजन्य साक्ष्य (Circumstantial Evidence) और चश्मदीद गवाह (बच्ची) की भूमिका निर्णायक रही। होटल के रिकॉर्ड और डिजिटल फुटप्रिंट्स ने पुलिस को साक्ष्य जुटाने में मदद की, जिससे आरोपियों को कड़ी सजा मिलना सुनिश्चित हो सका।

कानपुर | UP Prime News

Published: 17 Jan 2026 | 07:56 AM IST

By UP Prime News Desk









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