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KGMU: दुष्कर्म और धर्मांतरण का आरोपी डॉ. रमीज गिरफ्तार, 50 हजार का था इनाम, अब रद्द होगा दाखिला

 लखनऊ (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दुष्कर्म और धर्मांतरण के प्रयास के आरोपी डॉ. रमीज उद्दीन नायक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी डॉ. रमीज पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर आरोपी को सिटी रेलवे स्टेशन के पास से उस वक्त पकड़ा गया, जब वह हुसैनाबाद स्थित अपने फ्लैट से कुछ सामान निकालने आया था।

आरोपी डॉ. रमीज गिरफ्तार फोटो :- up prime news







यह मामला KGMU के पैथोलॉजी विभाग से जुड़ा है, जहां आरोपी डॉ. रमीज जूनियर रेजिडेंट के पद पर तैनात था। उस पर आरोप है कि उसने विभाग की ही एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर को प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता द्वारा विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकियां दी गईं। मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर महिला डॉक्टर ने नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था।

इस मामले में KGMU प्रशासन ने भी आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का मन बना लिया है। यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने स्पष्ट किया है कि डॉ. रमीज का दाखिला रद्द किया जाएगा, जिससे वह आगे की पढ़ाई नहीं कर पाएगा। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन की तरफ से महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (DGME) को पत्र भेजा जा रहा है। विशाखा कमेटी ने भी मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट गुरुवार को सौंप दी है, जिसमें डॉ. रमीज पर लगे आरोपों की जांच की गई थी।

खबर का बैकग्राउंड:

घटना के बाद पीड़िता ने केजीएमयू प्रशासन, पुलिस, मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल और राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए केजीएमयू में दो कमेटियां गठित की गईं—एक यौन उत्पीड़न की जांच के लिए विशाखा कमेटी और दूसरी धर्मांतरण के आरोपों की जांच के लिए सात सदस्यीय कमेटी। आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस घटना से कार्यस्थलों, विशेषकर चिकित्सा संस्थानों में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, आरोपी की गिरफ्तारी और प्रशासन द्वारा दाखिला रद्द करने के निर्णय से आम जनता और छात्रों के बीच यह संदेश जाएगा कि कानून और संस्थान अपराध के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपना रहे हैं।

UP Prime News एनालिसिस:

पुलिस और केजीएमयू प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई सराहनीय है। यह मामला न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि मेडिकल जैसे पवित्र पेशे की गरिमा को भी धूमिल करता है। विशाखा कमेटी की रिपोर्ट और पुलिस जांच का निष्पक्ष होना पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने में निर्णायक साबित होगा।

लखनऊ | UP Prime News

Published: January 09, 2026 | 08:21 PM IST

By UP Prime News Desk








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