मेरठ: कपसाड़ कांड में सियासत गरमाई, काशी टोल पर सपा सांसद को रोकने पर भयंकर बवाल, एक्सप्रेसवे पर धरना
मेरठ (उत्तर प्रदेश):
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र अंतर्गत कपसाड़ गांव में हुई दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले ने अब बड़ा सियासी रूप ले लिया है। शनिवार को पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजीलाल सुमन को पुलिस ने काशी टोल प्लाजा पर रोक दिया। प्रशासन द्वारा काफिला रोके जाने से सपा कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और मौके पर पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।
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| धरने पर बैठे सपा विधायक निरीक्षण करने पहुंचे डीआईजी फोटो:-up prime news |
हंगामे के बीच सरधना विधायक अतुल प्रधान और पूर्व विधायक योगेश वर्मा समेत तमाम सपा नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए एक्सप्रेसवे पर ही धरना शुरू कर दिया। विधायक अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है और विपक्ष को पीड़ितों से मिलने से रोका जा रहा है। उन्होंने प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब-जब सरकार डरती है, पुलिस को आगे करती है।
दूसरी ओर, भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से बड़ी संख्या में कपसाड़ गांव जाने के लिए निकले थे। पुलिस ने उन्हें भी रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की थी। खबरों के मुताबिक, गुस्से में आए भीम आर्मी के कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी ने खुद चेक प्वाइंट्स का निरीक्षण किया और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
खबर का बैकग्राउंड:
यह पूरा मामला सरधना के कपसाड़ गांव का है, जहां अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या कर दी गई थी और उसकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया था। इस जघन्य अपराध के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल है और विभिन्न राजनीतिक दल व संगठन लगातार पीड़ित परिवार के समर्थन में गांव पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस सियासी हंगामे और पुलिस द्वारा की गई सख्त नाकेबंदी के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरधना के सलावा चौराहे और चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। घंटों से वाहन रेंग रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
UP Prime News एनालिसिस:
कपसाड़ की घटना पर विपक्ष द्वारा दिखाए जा रहे आक्रामक रुख से यह साफ है कि कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी है। वहीं, प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नेताओं को रोकना एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिससे टकराव की स्थिति पैदा हो रही है।
मेरठ | UP Prime News
Published: 10 Jan 2026 | 01:32 PM IST
By UP Prime News Desk

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