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मेरठ: शराब के नशे में दोस्त की ईंट से पीटकर हत्या, पहचान मिटाने के लिए शव को जलाया; आरोपी टेंपो चालक गिरफ्तार

मेरठ [उत्तर प्रदेश]:

मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आपसी विवाद में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने मुजफ्फरनगर निवासी सोनू कश्यप उर्फ रानू का अधजला शव अखेपुर के जंगलों से बरामद किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी, जो कि एक टेंपो चालक है, को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतक सोनू कश्यप उर्फ रानू फोटो :- up prime news








एसएसपी मेरठ डॉ. विपिन ताडा के मुताबिक, जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह और रानू साथ बैठकर शराब पी रहे थे। नशे की हालत में दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई, जिसके बाद आरोपी ने रानू के सिर पर ईंट से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद मृतक की पहचान छिपाने के उद्देश्य से आरोपी ने शव पर मोबाइल ऑयल डालकर उसे आग लगा दी और जंगल में फेंक कर फरार हो गया।

इस घटना ने उस समय सियासी मोड़ ले लिया जब सरधना विधायक और सपा नेता अतुल प्रधान ने दावा किया कि युवक को 'दबंगों' द्वारा जिंदा जलाया गया है। विधायक ने इसे हृदयविदारक घटना बताते हुए पीड़ित परिवार से मुलाकात की और आर्थिक सहायता के रूप में 1 लाख रुपये देने की घोषणा की, जिसमें से 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि मौके पर ही प्रदान की गई। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह हत्या आपसी विवाद का परिणाम थी और शव को हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए जलाया गया था।

खबर का बैकग्राउंड:

मृतक सोनू कश्यप उर्फ रानू मूल रूप से मुजफ्फरनगर का निवासी था और वर्तमान में सरधना में अपनी मौसी के घर रह रहा था। वह अपने परिवार का इकलौता सहारा था। सोमवार को उसका अधजला शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी, जिसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुँचने में सफलता प्राप्त की।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस तरह की हिंसक घटनाओं से समाज में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। नशे के कारण होने वाले अपराधों के प्रति जनता में चिंता बढ़ी है। साथ ही, संवेदनशील मामलों में आधिकारिक पुष्टि से पहले सोशल मीडिया या राजनीतिक बयानों के माध्यम से फैलने वाली अपूर्ण जानकारी से कानून-व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी ने जनता के बीच कानून के प्रति विश्वास को बहाल करने का कार्य किया है।

UP Prime News एनालिसिस:

यह मामला गंभीर अपराध के साथ-साथ पुलिसिया जांच बनाम राजनीतिक दावों के टकराव को दर्शाता है। जहां पुलिस वैज्ञानिक तथ्यों और फुटेज को आधार बना रही है, वहीं राजनीतिक हस्तक्षेप घटना को अलग दृष्टिकोण दे रहा है। निष्पक्ष जांच ही न्याय सुनिश्चित करने का एकमात्र मार्ग है।

[मेरठ] | UP Prime News

Published: [12 जनवरी, 2026] | [6:15 PM] IST

By UP Prime News Desk

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