लोक गायिका नेहा सिंह राठौर हिरासत में: हजरतगंज थाने में देर रात तक चली पूछताछ, जानिए क्यों दर्ज नहीं हो सका बयान
लखनऊ (उत्तर प्रदेश):
लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को शनिवार की रात लखनऊ पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह घटनाक्रम तब हुआ जब वह अपने पति के साथ हजरतगंज थाने में अपना बयान दर्ज कराने पहुंची थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नेहा सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन थाने पहुंचने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया और पूछताछ के लिए महिला थाने भेज दिया गया।
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| गायिका नेहा सिंह राठौर फोटो :-up prime news |
शनिवार रात थाने में काफी गहमागहमी रही। पुलिस ने नेहा सिंह से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े एक पुराने मामले में लंबी पूछताछ की। हालांकि, रात करीब 11 बजे नेहा थाने से बाहर आ गईं। बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि देर शाम हो जाने के कारण उनका आधिकारिक बयान दर्ज नहीं हो सका। पुलिस ने कहा है कि प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें आगे दोबारा बुलाया जा सकता है।
इस पूरे मामले में हजरतगंज पुलिस के अधिकारी अभी कुछ भी आधिकारिक तौर पर बोलने से बच रहे हैं। हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। पुलिस की कार्रवाई और पूछताछ के तरीकों को लेकर अभी तक कोई औपचारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है।
खबर का बैकग्राउंड:
यह पूरा विवाद 27 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर नेहा सिंह राठौर द्वारा किए गए सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। लखनऊ के गुडंबा निवासी कवि अभय प्रताप सिंह उर्फ 'अभय सिंह निर्भीक' ने नेहा के खिलाफ हजरतगंज थाने में केस दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नेहा के पोस्ट ने राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डाला और दो समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ाने का काम किया। यह भी आरोप है कि उनके बयानों का इस्तेमाल पाकिस्तानी मीडिया द्वारा भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा के तौर पर किया गया।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना का आम जनता, विशेषकर सोशल मीडिया यूजर्स पर गहरा असर पड़ेगा। यह मामला सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बहस को तेज कर सकता है। आम लोगों के लिए यह एक संदेश भी है कि संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों पर बिना पुष्टि के या भड़काऊ पोस्ट करना कानूनी पचड़े में डाल सकता है।
UP Prime News एनालिसिस:
पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत में लेना और फिर छोड़ देना जांच प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, लेकिन जिस तरह से यह मामला हाई-प्रोफाइल है, पुलिस हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। यह मामला अब केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें कानूनी दांव-पेच और राजनीतिक विमर्श भी शामिल हो गए हैं।
लखनऊ | UP Prime News
Published: 04 Jan 2026 | 07:38 AM IST
By UP Prime News Desk

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