कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। कौशाम्बी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के पुलिस और पशु तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ (हाफ एनकाउंटर) में तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक तस्कर के पैर में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इसी तरह की एक अन्य कार्रवाई संतकबीरनगर में भी रविवार देर रात की गई, जहाँ मुठभेड़ के बाद एक पशु तस्कर को दबोचा गया।
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| गिरफ्तार आरोपी फोटो :- up prime news |
कौशाम्बी पुलिस के अनुसार, कोखराज पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम को बिछवां गांव के पास तस्करों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो खुद को घिरा देख तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की ओर से की गई आत्मरक्षार्थ कार्रवाई में फतेहपुर जिले का रहने वाला मनोज घायल हो गया। उसके दो अन्य साथी, अजय चौबे (बिहार) और अजमेरी (कौशाम्बी) को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे गोवंशों को ट्रक में लादकर वध के लिए बिहार भेजने की फिराक में थे।
पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि इन तीनों पर कुल 24 मुकदमे दर्ज हैं। अकेले अजमेरी के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत विभिन्न थानों में 14 मामले दर्ज हैं, जबकि मनोज और अजय चौबे पर 5-5 मुकदमे हैं। ये आरोपी कौशाम्बी के अलावा वाराणसी, फतेहपुर, आजमगढ़ और गोपीगंज जैसे इलाकों में सक्रिय थे। उपचार और कानूनी प्रक्रिया के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि गैंग के अन्य चार सदस्यों की तलाश जारी है।
खबर का बैकग्राउंड:
इस गिरोह की तलाश पुलिस को 3 जनवरी की उस घटना के बाद से थी, जब कोखराज के इछौली गांव में नदी किनारे 12 गोवंश बिजली के खंभों से बंधे मिले थे। उस समय हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के पहुँचने के कारण तस्कर गोवंशों को छोड़कर भाग निकले थे। भरवारी चौकी प्रभारी की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एसओजी और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया था।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस तरह की पुलिसिया कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध पशु तस्करी पर लगाम लगने की उम्मीद है। गोवंशों की चोरी और तस्करी से परेशान किसानों और स्थानीय लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। अंतरराज्यीय गिरोह के पकड़े जाने से पड़ोसी जिलों में भी अपराध दर में कमी आने की संभावना है।
UP Prime News एनालिसिस:
यह एनकाउंटर यूपी पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति और सूचना तंत्र (SOG/सर्विलांस) की सक्रियता को दर्शाता है, जो पुरानी घटनाओं के सुराग जोड़कर अपराधियों तक पहुँचने में सफल रही है।
कौशाम्बी | UP Prime News
Published: January 12, 2026 | 02:05 PM IST
By UP Prime News Desk
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