वाराणसी: गंगा बीच मझधार में नाव पर चले लाठी-डंडे और चप्पू, पर्यटकों में मची अफरातफरी
वाराणसी (उत्तर प्रदेश):
धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में नए साल के जश्न के दौरान गंगा नदी में मारपीट और गुंडागर्दी की दो अलग-अलग घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाराणसी के घाटों से दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें नावों पर सवार गुट आपस में लाठी-डंडों और चप्पू (पतवार) से एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं। इस हिंसक झड़प के दौरान नाव पर मौजूद महिलाओं और बच्चों में चीख-पुकार मच गई और जान बचाने के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।
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| Varanasi photo :-up prime news |
वायरल हो रहा एक वीडियो प्रमुख दशाश्वमेध घाट के पास का बताया जा रहा है, जहाँ एक बड़ी नाव पर सवार दो पक्षों में कहासुनी के बाद लात-घूंसे चलने लगे। वीडियो में देखा जा सकता है कि झगड़ा इतना बढ़ गया कि एक युवक जान बचाने के प्रयास में भागते हुए गंगा नदी में गिर गया। वहीं, दूसरा वीडियो सामने घाट स्थित जज गेस्ट हाउस के बगल वाले पक्का घाट का है। यहाँ सवारी बैठाने और नाव लगाने को लेकर नाविकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। इसमें करीब दो दर्जन लोग एक-दूसरे को दौड़ा-दौड़ा कर पीटते और पानी में धक्का देते दिखे।
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| Varanasi photo :- up prime news |
लंका पुलिस ने इस मामले में मदरवा निवासी गौतम साहनी की तहरीर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, वह अपने साथी कल्लू, रामचंद्र, सोमनाथ, रामानंद और विकास साहनी के साथ सवारी के इंतजार में बैठे थे, तभी रामनगर निवासी बबलू साहनी ने आकर विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 नामजद और 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
खबर का बैकग्राउंड:
नए साल के मौके पर काशी में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी थी। इसी भीड़-भाड़ के बीच नाव संचालन और पार्किंग को लेकर नाविकों और स्थानीय गुटों में वर्चस्व की लड़ाई सामने आई है। इससे पहले भी अस्सी घाट पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकिता गुप्ता के साथ हुई घटना को लेकर वाराणसी पुलिस की कार्यप्रणाली चर्चा में थी।
पब्लिक इम्पैक्ट:
गंगा नदी के बीचों-बीच हुई इस हिंसा से पर्यटकों, विशेषकर परिवार के साथ आए श्रद्धालुओं में डर का माहौल है। देश की सांस्कृतिक राजधानी में ऐसी घटनाओं से पर्यटन छवि को नुकसान पहुँचता है और आम जनता का पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था, विशेषकर जल पुलिस (Water Police) की मुस्तैदी से भरोसा डगमगाता है।
UP Prime News एनालिसिस:
यह घटना दर्शाती है कि घाटों पर भीड़ प्रबंधन और नाविकों के बीच समन्वय की भारी कमी है। पुलिस प्रशासन को जमीनी सुरक्षा के साथ-साथ जल परिवहन के दौरान भी सख्त निगरानी रखने की आवश्यकता है, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वाराणसी | UP Prime News
Published: January 03, 2026 | 01:20 PM IST
By UP Prime News Desk


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