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वाराणसी: मणिकर्णिका घाट की भ्रामक AI तस्वीरों पर पुलिस का कड़ा रुख, 8 लोगों पर FIR दर्ज

 वाराणसी (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक तस्वीरें फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने वाराणसी के चौक थाने में कुल 8 अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। यह कार्रवाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनी गलत तस्वीरें साझा करने के आरोप में की गई है।

वाराणसी मणिकर्णिका घाट पुलिस कार्रवाई
फोटो : UP prime news






पुलिस के अनुसार, इन फर्जी तस्वीरों में हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी छवियों का गलत इस्तेमाल किया गया था। आरोप है कि ऐसी भ्रामक सामग्री के जरिए न केवल श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की कोशिश की गई, बल्कि आम जनता के बीच गुस्सा पैदा कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का भी प्रयास हुआ। पुलिस ने साफ किया है कि इन तस्वीरों के माध्यम से मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण और वहां उपलब्ध वास्तविक सुविधाओं के उलट गलत जानकारी प्रचारित की जा रही थी।

इस मामले में शिकायत तमिलनाडु के रहने वाले 'मनो' नामक व्यक्ति ने दर्ज कराई है, जिनकी कंपनी 15 नवंबर 2025 से मणिकर्णिका घाट पर श्मशान सुविधाओं को मजबूत करने और सौंदर्यीकरण का कार्य कर रही है। शिकायत में बताया गया कि 16 जनवरी की रात एक सोशल मीडिया यूजर ने ये फर्जी तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिससे समाज में नाराजगी बढ़ी। पुलिस अब इन आठ लोगों और कुछ 'X' हैंडल्स की विस्तृत जांच कर रही है।

खबर का बैकग्राउंड:

वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट पर पुनर्विकास का कार्य चल रहा है, जिसका उद्देश्य वहां की सुविधाओं को आधुनिक और बेहतर बनाना है। हाल ही में इस कार्य से जुड़ी कुछ ऐसी तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हुईं जो वास्तविकता से मेल नहीं खाती थीं और जिनमें AI तकनीक का इस्तेमाल कर भ्रामक दृश्य दिखाए गए थे।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस कार्रवाई का सीधा संदेश उन लोगों के लिए है जो सोशल मीडिया का उपयोग अफवाह फैलाने के लिए करते हैं। यह मामला स्पष्ट करता है कि AI तकनीक का दुरुपयोग कर धार्मिक या सामाजिक भावनाओं से खिलवाड़ करने पर गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। आम जनता को किसी भी वायरल फोटो या खबर पर विश्वास करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच करनी चाहिए।

UP Prime News एनालिसिस:

डिजिटल युग में AI का उपयोग रचनात्मकता के बजाय अफवाह फैलाने के लिए होना समाज और कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक जरूरी कदम है।

वाराणसी | UP Prime News

Published: 18 जनवरी 2026 | 07:21 AM IST

By UP Prime News Desk





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