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बिजनौर: स्योहारा में नहर किनारे एक साथ मिली 7 गायों की लाशें, इलाके में सनसनी; पुलिस ने शुरू की पोस्टमार्टम की प्रक्रिया

 बिजनौर उत्तर प्रदेश:

उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर से एक हृदयविदारक और तनावपूर्ण खबर सामने आई है। यहाँ के स्योहारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव लांबाखेड़ा में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने नहर के किनारे एक साथ 7 गायों के शव पड़े हुए देखे। सुबह की सैर पर निकले ग्रामीणों की नजर जैसे ही इन बेजान शरीरों पर पड़ी, पूरे इलाके में यह खबर आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश देखने को मिला। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचित किया गया, जिसके बाद भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है।

बिजनौर में नहर के पास मृत अवस्था में मिली गायों का दृश्य
गाय सांकेतिक फोटो : up prime news













प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सभी 7 गायों के शव नहर रोड के पास एक-दूसरे के काफी करीब पड़े हुए थे। ग्रामीणों का कहना है कि यह सामान्य स्थिति नहीं लग रही है, क्योंकि एक साथ इतनी गायों की मौत होना किसी बड़ी अनहोनी या लापरवाही की ओर इशारा करता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक झा ने स्वयं मौके का मुआयना किया और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी है और साक्ष्य जुटाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी भय है कि कहीं यह किसी बीमारी का प्रकोप न हो या फिर जानबूझकर की गई कोई साजिश, जिससे इलाके की शांति भंग हो सके।

इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर दिया। इस वीडियो में एक व्यक्ति यह दावा करता सुनाई दे रहा है कि ये गायें संभवतः किसी गौशाला में मरी थीं और उनके शवों को चुपचाप यहाँ नहर किनारे लाकर फेंक दिया गया है। वीडियो में दिख रहे दृश्यों में गायों के शव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के मन में प्रशासन और गौशाला संचालकों के प्रति संदेह पैदा हो गया है। ग्रामीणों की मांग है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके।

प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पशुपालन विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है, इसलिए गायों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गायों की मौत किसी जहरीली वस्तु के सेवन से हुई है, किसी बीमारी से हुई है या फिर उन्हें मार कर यहाँ फेंका गया है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है।

इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। लांबाखेड़ा और आसपास के गांवों के पशुपालक अपने जानवरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन ने आवारा पशुओं और गौशालाओं की स्थिति पर ध्यान दिया होता, तो शायद ऐसी घटना नहीं होती। पुलिस फिलहाल इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आसपास की किसी सरकारी या निजी गौशाला से पशु लापता हैं या वहां हाल ही में पशुओं की मृत्यु दर्ज की गई है। अधिकारियों का आश्वासन है कि जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अगली कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस घटना का स्थानीय जनता पर गहरा मनोवैज्ञानिक और सामाजिक असर पड़ा है। ग्रामीणों में अपने पालतू पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर डर व्याप्त है। साथ ही, धार्मिक मान्यताओं के कारण गायों की इस तरह की मृत्यु से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा बना रहता है। उचित निस्तारण न होने से बीमारियों के फैलने की आशंका भी बनी रहती है।

UP Prime News एनालिसिस:

यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और गौशाला प्रबंधन में जवाबदेही की कमी को दर्शाता है। यदि वैज्ञानिक तरीके से जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को समय पर सार्वजनिक नहीं किया गया, तो अफवाहों का बाजार गर्म हो सकता है जो सांप्रदायिक या सामाजिक सौहार्द के लिए हानिकारक होगा।

बिजनौर | UP Prime News
Published: Monday, Feb 16, 2026 | 09:39 AM IST
By UP Prime News Desk




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