महाशिवरात्रि पर काशी में उमड़ेगा आस्था का जनसैलाब: 45 घंटे होंगे दर्शन, VIP और स्पर्श दर्शन पर प्रशासन ने लगाई रोक
वाराणसी (उत्तर प्रदेश):
धर्म की नगरी काशी में महाशिवरात्रि के पर्व को लेकर तैयारियां अपने चरम पर पहुँच गई हैं। इस बार 15 फरवरी से शुरू होने वाले इस महापर्व पर बाबा विश्वनाथ के दरबार में भक्तों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, 15 फरवरी को होने वाली मंगला आरती से लेकर 16 फरवरी तक, बाबा विश्वनाथ लगातार 45 घंटों तक अपने भक्तों को दर्शन देंगे। इस दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और सुलभ दर्शन के लिए VIP दर्शन, स्पर्श दर्शन और प्रोटोकॉल दर्शन पूरी तरह से बंद रहेंगे।
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| काशी में बंटे शिव- माता पार्वती विवाह के कार्ड फोटो :- up prime news |
मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर 8 से 10 लाख श्रद्धालु काशी पहुँच सकते हैं। इतनी बड़ी संख्या में भक्तों के प्रबंधन के लिए 'जिग-जैक' बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह पेयजल, ओआरएस (ORS) घोल, मेडिकल टीमें और शौचालयों का प्रबंध किया गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए एसीपी ट्रैफिक सोमबीर सिंह ने प्रमुख मार्गों को 'नो-व्हीकल जोन' घोषित किया है और कई रूटों पर डायवर्जन लागू किया जाएगा ताकि पैदल चलने वाले भक्तों को परेशानी न हो।
इस वर्ष की 'शिव बारात' भी बेहद खास होने वाली है। आयोजन से जुड़े अजीत सिंह के मुताबिक, इस बार शिव बारात की थीम 'होली' रखी गई है, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों के रंगों की झलक देखने को मिलेगी। काशीवासियों को पारंपरिक भोजपुरी अंदाज में छपे निमंत्रण कार्ड बांटे जा रहे हैं। साथ ही, इस बार मथुरा से बाबा विश्वनाथ के लिए एक विशेष उपहार भी आने वाला है, जो भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
खबर का बैकग्राउंड:
काशी में शिव बारात निकालने की परंपरा पिछले 43 वर्षों से चली आ रही है और इस बार यह इसका 44वाँ वर्ष है। इस परंपरा की शुरुआत वर्ष 1983 में हुई थी, जब बाबा विश्वनाथ के अरघे का सोना चोरी हो गया था। बाद में सोना वापस मिलने की खुशी में काशी में उत्सव का माहौल बना और तभी से शिव बारात निकालने का सिलसिला शुरू हुआ, जो आज काशी की एक खास पहचान बन चुका है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
प्रशासन द्वारा VIP और स्पर्श दर्शन पर रोक लगाने से आम श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अधिक समय मिलेगा और कतारें तेजी से आगे बढ़ेंगी। हालांकि, नो-व्हीकल जोन और रूट डायवर्जन के कारण स्थानीय लोगों और यात्रियों को आवाजाही के लिए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना होगा। स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदगी से भीड़ में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर तुरंत काबू पाया जा सकेगा।
UP Prime News एनालिसिस:
प्रशासन का यह निर्णय कि महाशिवरात्रि जैसे बड़े अवसर पर VIP दर्शन बंद रखे जाएं, आम भक्तों के प्रति संवेदनशीलता दर्शाता है। यह कदम भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वाराणसी | UP Prime News
Published: 05 February 2026 | 10:40 PM IST
By UP Prime News Desk

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