मेरठ में नमो भारत के साथ सियासी शक्ति प्रदर्शन: पीएम मोदी और जयंत चौधरी की केमिस्ट्री ने गरमाई पश्चिमी यूपी की राजनीति
मेरठ (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित शताब्दीनगर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान नमो भारत रैपिड रेल और मेट्रो के शुभारंभ ने न केवल विकास की नई इबारत लिखी, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा संदेश भी दे दिया है। इस कार्यक्रम के केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के मुखिया व केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी रही। प्रधानमंत्री ने पूरे कार्यक्रम के दौरान जयंत चौधरी को अपने पास रखकर यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में पश्चिमी यूपी के सियासी और जातीय समीकरणों में जयंत चौधरी और रालोद की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रहने वाली है।
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| मेरठ में नमो भारत के कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जयंत चौधरी एक साथ मंच पर. |
मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ठीक बगल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दूसरी तरफ रालोद प्रमुख जयंत चौधरी को स्थान दिया गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह केवल बैठने की व्यवस्था नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा थी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह को 'भारत रत्न' देने का सौभाग्य उनकी सरकार को मिला है, जो देश के करोड़ों किसानों का सम्मान है। जैसे ही मंच से चौधरी चरण सिंह का नाम लिया गया, सभा स्थल रालोद कार्यकर्ताओं और स्थानीय जाट नेताओं के नारों से गूंज उठा।
हालांकि, इस कार्यक्रम में एक दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि मंच पर मौजूद अन्य बड़े नेताओं की तुलना में प्रधानमंत्री ने चुनिंदा नामों का ही विशेष जिक्र किया। पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी (लेख में पंकज चौधरी का उल्लेख है, लेख के अनुसार पंकज चौधरी) और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का नाम प्रमुखता से लिया। वहीं, मेरठ के सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सदस्यों और अन्य स्थानीय विधायकों के नामों का औपचारिक संबोधन में उल्लेख नहीं किया गया। इससे यह संकेत मिलता है कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व जयंत चौधरी के साथ अपने गठबंधन को एक नई ऊंचाई और मजबूती प्रदान करने की दिशा में काम कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों और जाट मतदाताओं को साधने की स्पष्ट कोशिश दिखाई दी। मेरठ-हापुड़ क्षेत्र के विकास कार्यों का विवरण देते हुए प्रधानमंत्री ने बार-बार किसानों के हितों की बात की। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को देश की प्रगति का इंजन बताया। जयंत चौधरी को मंच पर प्रमुखता देना और उनके दादा चौधरी चरण सिंह के योगदान की सराहना करना, सीधे तौर पर उन जाट मतदाताओं को संदेश था जो पश्चिमी यूपी की सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा रही कि जयंत चौधरी को मंच साझा करने का मौका तो मिला, लेकिन उन्हें भाषण देने का अवसर प्राप्त नहीं हुआ। इससे रालोद के कुछ समर्थकों के बीच थोड़ी मायूसी भी देखी गई, लेकिन जयंत चौधरी की प्रधानमंत्री के साथ मंच पर नजदीकी ने इन चर्चाओं को ज्यादा हवा नहीं दी। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि जयंत चौधरी को पूरी प्रमुखता देकर मोदी ने यह साफ कर दिया है कि 'चौधराहट' की अहमियत गठबंधन में बरकरार रहेगी। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर रालोद का रुख क्या रहेगा, इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन मेरठ की इस जनसभा ने गठबंधन की केमिस्ट्री को जनता के सामने प्रभावी ढंग से पेश कर दिया है।
कार्यक्रम के समापन पर स्थानीय किसानों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। नमो भारत के रूप में मिले आधुनिक परिवहन के साधन और प्रधानमंत्री द्वारा किसानों के सम्मान की बातों ने एक सकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास किया है। पश्चिमी यूपी में जयंत चौधरी के साथ भाजपा का यह तालमेल विपक्षी दलों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां किसान आंदोलन के बाद समीकरणों में बदलाव देखा गया था।
खबर का बैकग्राउंड:
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट और किसान मतदाता चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। हाल के वर्षों में राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बाद भाजपा और रालोद का गठबंधन हुआ है। नमो भारत प्रोजेक्ट का उद्घाटन इसी क्षेत्र के विकास को रेखांकित करने का एक बड़ा जरिया बना है, जिसका राजनीतिक लाभ दोनों ही दल उठाना चाहते हैं।
पब्लिक इम्पैक्ट:
नमो भारत रैपिड रेल और मेट्रो के शुरू होने से मेरठ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को दिल्ली तक आवाजाही में बहुत आसानी होगी। वहीं, राजनीतिक रूप से इस आयोजन ने किसानों और जाट समुदाय के बीच यह संदेश भेजा है कि उनकी मांगों और उनके नेताओं को सरकार में उचित सम्मान और स्थान मिल रहा है, जिससे भविष्य के चुनावों में मतदान का पैटर्न प्रभावित हो सकता है।
UP Prime News एनालिसिस:
प्रधानमंत्री द्वारा जयंत चौधरी को मंच पर विशेष तवज्जो देना विकास और राजनीति के संतुलन को दर्शाता है। यह रणनीतिक गठबंधन पश्चिमी यूपी में भाजपा की पकड़ मजबूत करने और रालोद के प्रभाव क्षेत्र को सुरक्षित रखने की एक साझा कोशिश है।
मेरठ | UP Prime News
Published: Mon, 23 Feb 2026 | 10:23 AM IST
By UP Prime News Desk

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