UP बोर्ड परीक्षा 2026: 53 लाख परीक्षार्थियों का इम्तिहान आज से शुरू, पेपर लीक की अफवाहों पर बोर्ड ने दिया कड़ा जवाब
प्रयागराज उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की बोर्ड परीक्षाएं आज यानी 18 फरवरी 2026 से राज्यभर में शुरू हो गई हैं। इस साल की परीक्षाओं में कुल 53,37,790 छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं, जिनके लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में 8,033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा का यह महाकुंभ 12 मार्च 2026 तक चलेगा। परीक्षाओं के सुचारू संचालन और शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
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| उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2026 के दौरान परीक्षा केंद्र में बैठीं छात्राएं |
परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर पेपर लीक से जुड़ी कुछ खबरें वायरल होने लगी थीं। इन खबरों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इन्हें पूरी तरह से निराधार और 'महज एक अफवाह' करार दिया है। बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि कुछ असामाजिक तत्व सोची-समझी साजिश के तहत छात्रों और उनके अभिभावकों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। बोर्ड ने ऐसी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए साइबर सेल को तहरीर दे दी है, ताकि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'आधुनिक निगरानी प्रणाली' का सहारा लिया है। सभी 8,033 परीक्षा केंद्रों पर दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो न केवल वीडियो रिकॉर्डिंग करेंगे बल्कि इनमें वॉयस रिकॉर्डर की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके साथ ही, हाई-स्पीड इंटरनेट के माध्यम से इन केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग की जा रही है। लखनऊ में एक राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से अधिकारी सीधे परीक्षा कक्षों की निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जबकि 222 परीक्षा केंद्रों को अति-संवेदनशील और 683 केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है।
निगरानी के लिए केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी भारी फोर्स और टीमें तैनात की गई हैं। बोर्ड के अनुसार, 69 मंडलीय और 440 जिला स्तरीय मोबाइल स्क्वॉड (उड़न दस्ते) गठित किए गए हैं, जो परीक्षा के दौरान केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी परीक्षार्थियों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह परीक्षा केवल शैक्षणिक योग्यता का परीक्षण नहीं है, बल्कि यह धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास की भी परीक्षा है। सीएम ने छात्रों से बिना किसी तनाव के परीक्षा देने की अपील की है।
बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 18001806607 और 18001806608 जारी किए हैं। इन नंबरों पर किसी भी प्रकार की समस्या या संदिग्ध गतिविधि की सूचना दी जा सकती है। बोर्ड ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और अपनी तैयारी पर एकाग्र रहें। सुरक्षा के इन कड़े इंतजामों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो और परीक्षा की पारदर्शिता पूरी तरह बरकरार रहे।
खबर का बैकग्राउंड:
उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षाएं दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक मानी जाती हैं। बीते कुछ वर्षों में पेपर लीक और नकल की घटनाओं ने बोर्ड की साख पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद से प्रदेश सरकार और शिक्षा परिषद 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रहे हैं। इस साल भी परीक्षा से पहले अफवाहों का बाजार गर्म होना इसी पुरानी चुनौती का हिस्सा है, जिससे निपटने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत किया गया है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
बोर्ड द्वारा अफवाहों के खंडन और सुरक्षा के कड़े दावों से अभिभावकों और छात्रों के बीच फैला तनाव कम हुआ है। हेल्पलाइन नंबर जारी होने से दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों को एक सीधा संवाद माध्यम मिला है। वहीं, साइबर सेल की सक्रियता से सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें फैलाने वालों के बीच डर का माहौल पैदा होगा, जिससे परीक्षा की गंभीरता बनी रहेगी।
UP Prime News एनालिसिस:
तकनीकी निगरानी और सख्त प्रशासनिक पहरेदारी के बावजूद, असली चुनौती संवेदनशील केंद्रों पर स्थानीय स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों को रोकना होगा। बोर्ड का त्वरित स्पष्टीकरण एक सकारात्मक कदम है, जो छात्रों का मनोबल बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा।
प्रयागराज उत्तर प्रदेश | UP Prime News
Published: 18 February, 2026 | 08:02 AM IST
By UP Prime News Desk


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