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यूपी आर्थिक समीक्षा 2025-26: पर्यटन में देश में नंबर 1 बना उत्तर प्रदेश, प्रति व्यक्ति आय में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी

 लखनऊ (उत्तर प्रदेश) :

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के पटल पर वित्तीय वर्ष 2025-26 की 'आर्थिक समीक्षा' रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में राज्य की बदलती आर्थिक तस्वीर और विकास के आंकड़ों को साझा किया गया है। समीक्षा के मुख्य आकर्षणों में उत्तर प्रदेश का पर्यटन के क्षेत्र में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंचना, प्रति व्यक्ति आय में हुई भारी वृद्धि और राज्य को माफिया मुक्त बनाने के दावे शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट पेश करते हुए वित्त मंत्री
यूपी आर्थिक समीक्षा 2025-26 की मुख्य विशेषताएं







आर्थिक आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2016-17 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय ₹54,564 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर ₹1,09,844 हो गई है। आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इसके ₹1,20,000 तक पहुंचने का अनुमान है। पर्यटन के क्षेत्र में यूपी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है; वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 156.18 करोड़ पर्यटक प्रदेश पहुंचे, जिनमें प्रयागराज महाकुंभ में आए 66.30 करोड़ श्रद्धालु भी शामिल हैं। पर्यटन में निवेश के लिए 34,439 करोड़ रुपये के 1546 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो राज्य को सांस्कृतिक पर्यटन हब के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब केवल कृषि आधारित न रहकर बहु-क्षेत्रीय विकास की ओर अग्रसर है। वर्तमान में राज्य की जीएसडीपी (GSDP) में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र की 27 प्रतिशत और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 25.8 प्रतिशत है। इसके अलावा, राज्य का बजट आकार भी पिछले 9 वर्षों में तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2016-17 का ₹3.47 लाख करोड़ का बजट अब वर्ष 2025-26 में ₹8.33 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। महिला सुरक्षा के लिए 'सेफ सिटी' परियोजना और 'एंटी रोमियो स्क्वॉड' की सक्रियता को भी रिपोर्ट में प्रमुखता दी गई है।

खबर का बैकग्राउंड:

यह आर्थिक समीक्षा राज्य सरकार द्वारा हर साल बजट से पहले पेश की जाने वाली एक विस्तृत रिपोर्ट है। इसमें पिछले वर्षों के विकास कार्यों का लेखा-जोखा और आगामी वित्तीय लक्ष्यों का खाका पेश किया जाता है। इस बार की रिपोर्ट मुख्य रूप से 2016-17 (पिछली सरकारों के कार्यकाल के अंत) और वर्तमान सरकार के 2024-25 के कार्यकाल के तुलनात्मक विकास पर केंद्रित है।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस रिपोर्ट का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है क्योंकि यह सरकारी प्राथमिकताओं को दर्शाती है। प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी जनता की क्रय शक्ति बढ़ने का संकेत है। पर्यटन और उद्योग में बढ़ता निवेश स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलता है। वहीं, शिक्षा बजट में ऐतिहासिक वृद्धि से सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

UP Prime News एनालिसिस:

आर्थिक समीक्षा के आंकड़े राज्य की वित्तीय सेहत और सेवा क्षेत्र (Service Sector) की मजबूती को दर्शाते हैं। हालांकि, प्रति व्यक्ति आय को राष्ट्रीय औसत के और करीब ले जाना सरकार के लिए भविष्य की बड़ी चुनौती बनी रहेगी।

[लखनऊ] | UP Prime News

Published:  February 09, 2026 |  09:22 PM IST

By UP Prime News Desk



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