बस्ती से लापता दरोगा अजय कुमार गौड़ का शव अयोध्या में सरयू नदी से बरामद, हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
बस्ती (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के परसरामपुर थाने से लापता हुए सब-इंस्पेक्टर (SSI) अजय कुमार गौड़ का शव रविवार को अयोध्या में सरयू नदी से बरामद किया गया है। अजय कुमार गौड़ बीते गुरुवार की शाम से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता थे। उनकी तलाश के लिए पुलिस की पांच टीमें, जिनमें एसओजी और स्वाट भी शामिल थीं, लगातार छापेमारी कर रही थीं। दरोगा का शव मिलने के बाद से पुलिस विभाग और उनके परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।
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| इंस्पेक्टर अजय कुमार गौड़ फोटो : up prime news |
जांच में यह बात सामने आई है कि गुरुवार की शाम अजय कुमार गौड़ यह कहकर थाने से निकले थे कि वे किसी साथी के घर भोजन करेंगे। इसके बाद से उनका निजी मोबाइल और सरकारी सीयूजी नंबर, दोनों ही बंद आ रहे थे। पुलिस को उनकी बाइक बस्ती के अमहट घाट पर खड़ी मिली थी, जिसके बाद उनके कुआनो नदी में कूदने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन शव का अयोध्या में सरयू नदी से मिलना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
मृतक दरोगा की पत्नी रंजीता और पिता रामचंद्र ने पहले ही अनहोनी और अपहरण की आशंका जताई थी। परिजनों के अनुसार, दुबौलिया में तैनाती के दौरान एक मुकदमे को लेकर उन्हें धमकियां मिल रही थीं। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की तहकीकात कर रही है। दरोगा के छोटे भाई अरुण कुमार वर्तमान में झांसी में एडीएम (ADM) के पद पर तैनात हैं।
खबर का बैकग्राउंड:
अजय कुमार गौड़ 2016 बैच के दरोगा थे और मूल रूप से देवरिया जिले के मूडाडीह गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में वे बस्ती के परसरामपुर थाने में एसएसआई के पद पर तैनात थे और थाना प्रभारी के अवकाश पर होने के कारण कार्यभार संभाल रहे थे। पिछले चार दिनों से उनके लापता होने के बाद से ही पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ था।
पब्लिक इम्पैक्ट:
एक पुलिस अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। इससे आम जनता और पुलिस कर्मियों के मनोबल पर असर पड़ता है, विशेषकर तब जब ड्यूटी पर तैनात अधिकारी को धमकियां मिलने की बात सामने आए।
UP Prime News एनालिसिस:
यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है क्योंकि बाइक कहीं और मिलना और शव का दूसरी नदी में मिलना मामले को पेचीदा बनाता है। निष्पक्ष जांच और फोरेंसिक साक्ष्य ही इस गुत्थी को सुलझा सकते हैं।
बस्ती | UP Prime News
Published: February 09, 2026 | 09:32 AM IST
By UP Prime News Desk

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