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टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद विवादों में घिरे हार्दिक पांड्या, तिरंगे के अपमान के आरोप में यूपी और पुणे में शिकायत दर्ज

 हाथरस (उत्तर प्रदेश):

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक बार फिर कानूनी मुश्किलों और विवादों के केंद्र में आ गए हैं। टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद जहां पूरे देश में जश्न का माहौल था, वहीं अब इसी जश्न के दौरान की गई कुछ गतिविधियों ने पांड्या के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। उत्तर प्रदेश के हाथरस और महाराष्ट्र के पुणे में हार्दिक पांड्या के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' के कथित अपमान को लेकर औपचारिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इन शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि जीत के उत्साह में पांड्या ने तिरंगे की गरिमा और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है।

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हार्दिक पांड्या फोटो : UP prime news













हाथरस गेट थाना क्षेत्र के नगला नंदू निवासी और पेशे से अधिवक्ता विश्वप्रताप सिंह राणा ने इस मामले में सक्रिय कदम उठाते हुए पुलिस अधीक्षक और केंद्रीय गृह मंत्री को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने पांड्या के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि सोशल मीडिया पर व

यरल हो रहे वीडियो में हार्दिक पांड्या को एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया है, जबकि उस समय उन्होंने अपने शरीर पर राष्ट्रीय ध्वज ओढ़ा हुआ था। अधिवक्ता राणा के अनुसार, यह कृत्य न केवल तिरंगे का अपमान है, बल्कि इससे करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गहन जांच का आश्वासन दिया है।

वहीं, इसी मामले को लेकर महाराष्ट्र के पुणे में भी हलचल तेज हो गई है। पुणे के एक अन्य वकील, वाजिद खान बिडकर ने भी हार्दिक पांड्या के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पुलिस में लिखित आवेदन दिया है। न्यूज एजेंसी एनआईआई और पीटीआई की रिपोर्टों के अनुसार, यह शिकायत पुणे और बेंगलुरु के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशनों में दर्ज कराई गई है। वाजिद खान ने अपनी शिकायत में मांग की है कि पांड्या के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए। उनका आरोप है कि वायरल वीडियो में पांड्या को तिरंगा ओढ़कर मैदान पर नाचते और दौड़ते देखा गया, लेकिन विवाद तब और गहरा गया जब एक दृश्य में वह अपनी कथित प्रेमिका के साथ मंच पर लेटे हुए दिखाई दिए और उस दौरान भी तिरंगा उनके शरीर पर लिपटा हुआ था।

कानूनी विशेषज्ञों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भारत में राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग और सम्मान को लेकर बेहद कड़े नियम हैं। 'द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971' (राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971) की धारा 2 का हवाला देते हुए वाजिद खान बिडकर ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा को बनाए रखना हर भारतीय नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य है। अधिनियम के अनुसार, तिरंगे को कमर के नीचे पहनना, उसे चादर या ओढ़ने के वस्त्र की तरह इस्तेमाल करना या ऐसी किसी भी स्थिति में रखना जिससे उसकी मर्यादा कम होती हो, दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। शिकायत में तर्क दिया गया है कि हार्दिक पांड्या खेल जगत के एक बड़े सितारे हैं और उनके इस व्यवहार का समाज और युवाओं पर गलत संदेश जाता है।

सोशल मीडिया पर इस खबर के आने के बाद से ही जनता दो धड़ों में बंटी नजर आ रही है। एक पक्ष का मानना है कि जीत के भारी उत्साह और भावनात्मक क्षणों में खिलाड़ियों से अनजाने में ऐसी चूक हो सकती है और इसे "अपमान" के बजाय "जश्न का तरीका" देखा जाना चाहिए। वहीं, दूसरा पक्ष इस बात पर अडिग है कि तिरंगा किसी भी व्यक्ति या खेल की जीत से ऊपर है और इसकी मर्यादा के साथ किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। हाथरस के एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि कानून के दायरे में रहकर पूरे मामले की बारीकी से जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर ही अगली वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस फिलहाल उन वीडियो क्लिप्स की सत्यता और संदर्भ की जांच कर रही है जिन्हें आधार बनाकर यह शिकायतें दर्ज की गई हैं।

खबर का बैकग्राउंड:

यह पूरा मामला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल मैच के बाद शुरू हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को मात देकर विश्व विजेता का खिताब हासिल किया था। जीत के बाद हार्दिक पांड्या मैदान पर काफी भावुक और उत्साहित नजर आए थे। इसी दौरान उनके सेलिब्रेशन के कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें वे तिरंगा ओढ़े हुए थे। एक विशेष वीडियो में उन्हें किसी महिला के साथ मंच पर जश्न मनाते हुए दिखाया गया है, जिसे आधार बनाकर वकीलों ने इसे राष्ट्रीय ध्वज संहिता का उल्लंघन बताया है।

पब्लिक इम्पैक्ट:

इस घटना का आम जनता पर व्यापक असर देखने को मिल रहा है। यह विवाद राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और सार्वजनिक जीवन में सेलिब्रिटीज़ के व्यवहार पर एक बड़ी बहस छेड़ चुका है। युवाओं के बीच यह संदेश जा रहा है कि चाहे उपलब्धि कितनी भी बड़ी क्यों न हो, राष्ट्र के संवैधानिक प्रतीकों का सम्मान सर्वोपरि है। साथ ही, इससे खेल प्रशंसकों के बीच भी जागरूकता बढ़ेगी कि जश्न मनाते समय राष्ट्रीय ध्वज के प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है।

UP Prime News एनालिसिस:

हार्दिक पांड्या जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के खिलाफ ऐसी शिकायतें उनके करियर और छवि के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती हैं। हालांकि जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन यह मामला स्पष्ट करता है कि भारत में राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनों को लेकर न्यायपालिका और नागरिक समाज दोनों ही काफी सजग हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में इन आरोपों को "जानबूझकर किया गया अपमान" माना जाता है या "अनजाने में हुई भूल"।

हाथरस | UP Prime News

Published: March 13, 2026 | 10:11 AM IST

By UP Prime News Desk














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