Breaking News

LLB पास मास्टरमाइंड चला रहा था 'ऑन-डिमांड' देसी बम और हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क; मुरादाबाद पुलिस ने 3 को दबोचा

 उत्तर प्रदेश (मुरादाबाद):

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो डिमांड आने पर अवैध हथियारों और घातक देसी बमों की सप्लाई करता था। इस पूरे अवैध कारोबार का संचालन कोई अनपढ़ अपराधी नहीं, बल्कि कानून की पढ़ाई कर चुका एक 'LLB पास आउट' मास्टरमाइंड कर रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और अवैध असलहे बरामद हुए हैं।

मुरादाबाद में पुलिस की गिरफ्त में अवैध हथियारों के साथ खड़े आरोपी और बरामद विस्फोटक।
मुरादाबाद में पुलिस की गिरफ्त में अवैध हथियारों के साथ खड़े आरोपी और बरामद विस्फोटक।







मुरादाबाद के एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान विकास नगर (मझोला) निवासी दुष्यंत उर्फ दीपक, एकता कॉलोनी निवासी ऋषभ शर्मा और मूढापांडे के गांव गोवर्धनपुर निवासी अजीम के रूप में हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि यह गिरोह पंचायत चुनाव और अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए अवैध हथियारों की खेप तैयार कर रहा है। इसके बाद मझोला और कटघर पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर इन्हें गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के पास से कुल 12 देसी बम (विस्फोटक हथगोला), 12 बोर का एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस और सात खोखा कारतूस बरामद हुए हैं। वहीं, एक अन्य कार्रवाई में इनके पास से दो अन्य तमंचे, 60 जिंदा कारतूस और 35 खोखा कारतूस भी मिले हैं। यह बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर हथियारों की तस्करी और निर्माण में लिप्त था।

पूछताछ के दौरान मास्टरमाइंड दुष्यंत ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह लोगों से संपर्क कर तमंचों और देसी बमों के ऑर्डर लेता था। इसके बाद वह उत्तराखंड और अन्य पड़ोसी राज्यों से हथियार लाकर या खुद कहीं गुप्त स्थान पर बनवाकर इनकी सप्लाई करता था। आरोपी ने पुलिस को स्वीकार किया कि आने वाले पंचायत चुनावों को देखते हुए बाजार में इन हथियारों की भारी डिमांड थी, जिसके चलते उसने अपने नेटवर्क को और अधिक सक्रिय कर दिया था।

हथियारों का उत्तराखंड कनेक्शन

गिरफ्तार आरोपी दुष्यंत का नेटवर्क केवल मुरादाबाद तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर से भी जुड़े हुए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि 2024 में जेल से जमानत पर छूटने के बाद दुष्यंत हरिद्वार चला गया था। वहां उसने एक प्राइवेट नौकरी शुरू की, लेकिन जल्द ही वह फिर से अपराध की दुनिया में लौट आया। हरिद्वार में रहते हुए ही उसने ऊधमसिंह नगर के कुछ शातिर बदमाशों से संपर्क साधा और अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का काम शुरू किया।

दुष्यंत ने अपने साथ ऋषभ और अजीम को भी इस धंधे में शामिल कर लिया। ये लोग उत्तराखंड से सस्ते दामों पर अवैध असलहे लाते थे और मुरादाबाद व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में उन्हें ऊंचे दामों पर बेच देते थे। पुलिस अब इस गिरोह के उन संपर्कों की तलाश कर रही है जो उत्तराखंड में इन्हें हथियार मुहैया कराते थे।

कानूनी कार्रवाई और धाराएं

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि इनके विरुद्ध आर्म्स एक्ट (हथियार अधिनियम) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act) के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। मास्टरमाइंड दुष्यंत पर पहले से ही मझोला और कटघर थानों में आर्म्स एक्ट के तीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस प्रशासन ने टीम को इस बड़ी सफलता पर पुरस्कृत करने की भी बात कही है।

खबर का बैकग्राउंड:

मुख्य आरोपी दुष्यंत उर्फ दीपक का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी अवैध तमंचा फैक्ट्री चलाने के आरोप में जेल जा चुका है। जून 2024 और फिर 7 सितंबर 2024 को मझोला पुलिस ने उसे अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा था। हालांकि, वह हर बार जमानत पर बाहर आ जाता था और फिर से उसी अवैध कारोबार में लग जाता था। इस बार उसने देसी बमों की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई को अपना मुख्य पेशा बना लिया था।

पब्लिक इम्पैक्ट:

अवैध बमों और हथियारों की इतनी बड़ी खेप का पकड़ा जाना आम जनता की सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि है। खासकर चुनाव के समय इस तरह के घातक विस्फोटकों का इस्तेमाल हिंसा भड़काने और लोगों में दहशत पैदा करने के लिए किया जा सकता था। पुलिस की इस मुस्तैदी से संभावित बड़ी आपराधिक घटनाओं को समय रहते टाल दिया गया है। हालांकि, समाज के लिए यह चिंता का विषय है कि शिक्षित युवा, विशेषकर कानून की समझ रखने वाले छात्र, अपराध के रास्ते पर बढ़ रहे हैं।

UP Prime News एनालिसिस:

शिक्षित युवाओं का अपराध की ओर झुकाव कानून व्यवस्था के लिए एक नई चुनौती पेश कर रहा है। LLB पास मास्टरमाइंड का हथियारों के धंधे में उतरना यह दर्शाता है कि अपराधी अब तकनीक और कानून की कमियों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। पंचायत चुनावों से पहले अवैध हथियारों की बढ़ती मांग को रोकने के लिए पुलिस को बॉर्डर इलाकों में निगरानी और तेज करने की आवश्यकता है।

मुरादाबाद | UP Prime News

Published: March 23, 2026 | 12:23 PM IST

By UP Prime News Desk














कोई टिप्पणी नहीं