संभल में ईद से पहले पुलिस की कड़ी चेतावनी: 'सड़कों पर नमाज नहीं और दूसरे देशों के समर्थन में नारेबाजी पर होगा सख्त इलाज'
संभल उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में आगामी त्योहारों—जुमा अलविदा और ईद-उल-फितर—को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से संभल कोतवाली परिसर में एक महत्वपूर्ण 'शांति समिति' (Peace Committee) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय गणमान्य लोगों और धर्मगुरुओं के साथ संवाद किया। बैठक के दौरान संभल के क्षेत्राधिकारी (CO) कुलदीप सिंह का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें उन्होंने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है।
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| संभल पुलिस और शांति समिति की बैठक का दृश्य फोटो : UP prime news |
बैठक को संबोधित करते हुए सीओ कुलदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, जैसे ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव, का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में रहकर दूसरे देशों के समर्थन में नारेबाजी करना या माहौल खराब करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यदि किसी को दूसरे देश के लिए इतनी ही सहानुभूति है, तो वह वहां जाकर युद्ध लड़ सकता है, लेकिन भारत की धरती पर शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। पुलिस अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग माहौल खराब करने की कोशिश करेंगे, प्रशासन उनका 'अच्छे से इलाज' करेगा।
इस बैठक की अध्यक्षता सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी ने की। बैठक में नमाज को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी स्थिति में मस्जिद के बाहर या सार्वजनिक सड़कों पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नमाज केवल मस्जिद परिसर के भीतर ही पढ़ी जानी चाहिए। यदि किसी मस्जिद में भीड़ अधिक होती है, तो प्रशासन ने सुझाव दिया है कि एक ही स्थान पर दो अलग-अलग समय (शिफ्ट) में नमाज पढ़ी जा सकती है, ताकि हर कोई मस्जिद के अंदर ही इबादत कर सके। सार्वजनिक रास्तों को अवरुद्ध करना कानूनन गलत माना जाएगा और इसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
बैठक में मौजूद स्थानीय संभ्रांत नागरिकों और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। हाजी एहतेशाम जैसे स्थानीय नेताओं ने समाज के लोगों से अपील की है कि वे त्योहारों को शांति और भाईचारे के साथ मनाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए जिससे समाज में भ्रम या तनाव की स्थिति पैदा हो। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है और भड़काऊ पोस्ट या अंतरराष्ट्रीय विवादों को लेकर गुमराह करने वाली जानकारी साझा करने वालों पर साइबर सेल की नजर बनी हुई है।
संभल पुलिस का यह रुख दर्शाता है कि वे क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी प्रकार की ढील देने के मूड में नहीं हैं। शांति समिति की बैठकों का उद्देश्य समुदायों के बीच संवाद स्थापित करना और यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों का आनंद बिना किसी विवाद के लिया जा सके। अधिकारियों ने अंत में सभी से आपसी प्रेम और गंगा-जमुनी तहजीब को बरकरार रखने की अपील की, ताकि शहर में अमन-चैन का माहौल बना रहे।
खबर का बैकग्राउंड:
उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पिछले कुछ समय से सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर धार्मिक आयोजनों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। हाल के वर्षों में यह नीति लागू की गई है कि किसी भी धार्मिक समुदाय की प्रार्थना से सामान्य यातायात या सार्वजनिक व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए। साथ ही, वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्धों (जैसे ईरान-इजरायल या रूस-यूक्रेन) का असर अक्सर स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शनों के रूप में देखा जाता है, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस इस तरह की अग्रिम चेतावनी जारी करती है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस खबर का सीधा असर संभल और आसपास के इलाकों में रहने वाले नागरिकों पर पड़ेगा। सड़कों पर नमाज न होने से शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रहेगी और आम जनता को असुविधा नहीं होगी। वहीं, प्रशासन की सख्त चेतावनी से असामाजिक तत्वों में भय पैदा होगा, जिससे शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाए जा सकेंगे। मस्जिद के अंदर दो बार नमाज पढ़ने का विकल्प भीड़ प्रबंधन में मददगार साबित होगा।
UP Prime News एनालिसिस:
प्रशासन का यह कड़ा रुख सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को प्राथमिकता देने की रणनीति का हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय विवादों को स्थानीय शांति से अलग रखना एक व्यावहारिक कदम है, जो सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
संभल | UP Prime News
Published: March 12, 2026 | 09:05 PM IST
By UP Prime News Desk

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