यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा: 16 हजार कैमरों का कड़ा पहरा, 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी कल और परसों देंगे लिखित परीक्षा
लखनऊ उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस) एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश के सभी जिलों में यह परीक्षा शनिवार (14 मार्च) और रविवार (15 मार्च) को दो-दो पालियों में आयोजित की जाएगी। इस विशाल भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए हैं। परीक्षा के दौरान प्रदेश भर के 1090 केंद्रों पर 16 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए पल-पल की निगरानी रखी जाएगी।
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| यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 2026 सांकेतिक फोटो : UP prime news |
भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एस.बी. शिरडकर के अनुसार, परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए इस बार तकनीक और मैन्युअल निगरानी का दोहरा घेरा तैयार किया गया है। प्रश्न पत्रों को कोषागारों में डबल लॉक की सुरक्षा में रखा गया है और वहां से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भी कड़े सुरक्षा घेरे का इस्तेमाल किया जा रहा है। लखनऊ, कानपुर, मेरठ, गोरखपुर और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में परीक्षा केंद्रों की संख्या 30 से अधिक रखी गई है, जहां वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी देखरेख में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर एक स्थानीय कंट्रोल रूम भी होगा जो मुख्यालय के मुख्य कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा।
इस परीक्षा में कुल 15,75,760 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जिनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। उम्मीदवारों की भारी संख्या को देखते हुए यातायात और कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित साधनों के प्रयोग पर 'उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024' के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभ्यर्थियों के लिए कड़े नियम और बायोमेट्रिक अनिवार्य
भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक जांच और आधार सत्यापन अनिवार्य होगा। इस प्रक्रिया में समय लगने की संभावना को देखते हुए अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र के भीतर केवल नीला या काला बॉल पॉइंट पेन, पहचान पत्र और प्रवेश पत्र ले जाने की अनुमति होगी। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, स्मार्ट वॉच या कागज के टुकड़े ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
ठगों और अफवाह फैलाने वालों पर एफआईआर
परीक्षा से पहले सक्रिय होने वाले सॉल्वर गैंग और फर्जी सूचना फैलाने वालों पर भी पुलिस की पैनी नजर है। लखनऊ की हुसैनगंज कोतवाली में अब तक कुल तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जो टेलीग्राम चैनलों और अन्य माध्यमों से पेपर लीक की भ्रामक सूचना देकर धन उगाही का प्रयास कर रहे थे। बोर्ड ने अभ्यर्थियों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी लुभावने वादे या अफवाह के झांसे में न आएं। यदि किसी को भी पेपर लीक या अन्य गड़बड़ी की सूचना मिलती है, तो वे आधिकारिक ईमेल satarkta.policeboard@gmail.com या व्हाट्सएप नंबर 94544457951 पर तत्काल जानकारी दे सकते हैं।
पदों का विवरण: कुल 4543 रिक्तियां
इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस में विभिन्न श्रेणियों के कुल 4543 पदों को भरा जाना है। इसमें उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस) के सर्वाधिक 4242 पद शामिल हैं। इसके अलावा महिला प्लाटून कमांडर (पीएसी बटालियन) के 106 पद, पुरुष प्लाटून कमांडर के 135 पद और उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UP-SSF) में पुरुष प्लाटून कमांडर के 60 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
खबर का बैकग्राउंड:
उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार काफी गंभीर रही है। पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार भर्ती बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के चयन से लेकर प्रश्न पत्र की सुरक्षा तक में बड़े बदलाव किए हैं। नए सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के लागू होने के बाद यह पहली बड़ी परीक्षाओं में से एक है, जिसमें पेपर लीक या नकल कराने वालों के खिलाफ उम्रकैद और भारी जुर्माने जैसे सख्त प्रावधान शामिल हैं।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस परीक्षा का असर प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य पर पड़ेगा। सुरक्षित और निष्पक्ष परीक्षा के आयोजन से योग्य उम्मीदवारों को मौका मिलेगा और सरकारी नौकरियों के प्रति युवाओं का भरोसा बढ़ेगा। हालांकि, 15 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के आवागमन के कारण शनिवार और रविवार को बस स्टेशनों और रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ देखने को मिल सकती है, जिससे आम यात्रियों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
UP Prime News एनालिसिस:
प्रशासन द्वारा 16 हजार सीसीटीवी और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे कदम तकनीक के सही इस्तेमाल को दर्शाते हैं। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का प्रबंधन करना और सॉल्वर गैंग के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ना एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए स्थानीय पुलिस और एसटीएफ को निरंतर सतर्क रहने की आवश्यकता है।
फोटो : UP prime news
लखनऊ [उत्तर प्रदेश] | UP Prime News
Published: March 13, 2026 | 08:16 PM IST
By UP Prime News Desk

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