शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अतीक अहमद जैसा अंजाम भुगतने की धमकी, ज्योतिर्मठ के आधिकारिक नंबर पर आए कई ऑडियो संदेश
वाराणसी उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के वाराणसी और ज्योतिषपीठ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को जान से मारने की धमकी दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने उन्हें माफिया अतीक अहमद की तरह ही सरेआम मौत के घाट उतारने की चेतावनी दी है। यह धमकी भरा संदेश ज्योतिर्मठ के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर ऑडियो और टेक्स्ट मैसेज के जरिए भेजा गया है, जिससे उनके अनुयायियों और धार्मिक जगत में भारी आक्रोश और हड़कंप मच गया है।
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| शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद फोटो : U P prime news |
शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि धमकी देने वाले व्यक्ति ने ज्योतिर्मठ के नंबर पर लगातार कॉल और मैसेज किए। जब उस नंबर को ब्लॉक किया गया, तो 6 अप्रैल को वॉइस मेल के जरिए दो अलग-अलग ऑडियो संदेश भेजे गए। इन संदेशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शंकराचार्य का हाल भी अतीक अहमद जैसा ही किया जाएगा। संजय पांडेय के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब महाराज जी को निशाना बनाया गया है, इससे पहले भी उन्हें कई बार इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं।
इस पूरे विवाद के पीछे का मुख्य कारण शंकराचार्य द्वारा चलाए जा रहे 'गौ माता-राष्ट्रमाता' अभियान को माना जा रहा है। शंकराचार्य लंबे समय से भारत में पूर्ण गौ-हत्या बंदी की मांग कर रहे हैं और इसके लिए वह आगामी 3 मई से उत्तर प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 'गविष्ठी यात्रा' शुरू करने वाले थे। इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को गौ-संरक्षण के प्रति जागरूक करना और हर विधानसभा क्षेत्र में 'रामा गौ धाम' के निर्माण के लिए प्रेरित करना है। संजय पांडेय का आरोप है कि सनातन विरोधी ताकतों को यह अभियान रास नहीं आ रहा है, जिसके चलते उन्हें डराने और धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
खबर का एक और महत्वपूर्ण पहलू कानूनी विवाद से जुड़ा है। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (मथुरा) के अध्यक्ष आशुतोष महाराज ने भी हाल ही में सनसनीखेज आरोप लगाए थे। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मिली अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की और मामले की पैरवी तेज की, तो उन्हें और उनके वकील को बम से उड़ाने की धमकियां मिलने लगीं। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस जांच में वह धमकी भरा नंबर पाकिस्तान का पाया गया है। इस खुलासे ने मामले को अंतरराष्ट्रीय साजिश और सुरक्षा में बड़ी चूक की ओर मोड़ दिया है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले कुछ समय से अपने प्रखर बयानों के कारण भी चर्चा में रहे हैं। हाल ही में उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लेकर एक टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'आप शादी करके बच्चे पैदा क्यों नहीं करते?' इसके अलावा, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि न तो भाजपा उनकी दुश्मन है और न ही अन्य राजनीतिक दल उनके मित्र हैं। उनके इन निष्पक्ष और बेबाक बयानों ने भी कई बार वैचारिक मतभेद पैदा किए हैं, लेकिन ताजा धमकी ने सीधे तौर पर उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वाराणसी पुलिस और संबंधित एजेंसियां अब इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इन धमकियों का संबंध उसी पाकिस्तानी नंबर से है जिससे आशुतोष महाराज को धमकी मिली थी, या फिर यह किसी स्थानीय शरारती तत्व की करतूत है। ज्योतिर्मठ प्रशासन ने प्रशासन से महाराज जी की सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
खबर का बैकग्राउंड:
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य हैं और हिंदू धर्म के प्रमुख आध्यात्मिक गुरुओं में से एक माने जाते हैं। वह गौ-सेवा और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर अपने सख्त स्टैंड के लिए जाने जाते हैं। हालिया धमकी उन्हें उनके गौ-रक्षा अभियान और कुछ कानूनी विवादों के चलते दी गई है, जिसमें पाकिस्तानी कनेक्शन की भी आशंका जताई जा रही है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
एक शीर्ष धर्मगुरु को इस तरह की धमकी मिलने से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। इससे समाज में कानून व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यदि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय साजिश की पुष्टि होती है, तो यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती साबित हो सकती है। आम जनता में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि क्या धार्मिक अभियानों को दबाने के लिए माफियाओं के नाम का सहारा लिया जा रहा है।
UP Prime News एनालिसिस:
लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी धर्मगुरु को माफिया के नाम पर जान से मारने की धमकी देना निंदनीय है। पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस धमकी की तह तक जाना चाहिए ताकि धार्मिक सौहार्द और व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
[VARANASI] | UP Prime News
Published: April 09, 2026 | [07:58 AM] IST
By UP Prime News Desk

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