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कानपुर हादसा: बेकाबू डंपर की टक्कर से नहर में गिरी कर्मियों से भरी बस, स्थानीय लोगों और पुलिस की बहादुरी से बची 19 जिंदगियां

 उत्तर प्रदेश:

कानपुर जिले के बिधनू थाना क्षेत्र में गुरुवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहां एक प्राइवेट बस, जो कि निजी फैक्ट्री के कर्मचारियों को लेकर जा रही थी, तेज रफ्तार डंपर की टक्कर के बाद अनियंत्रित होकर रामगंगा नहर में गिर गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस पुल की रेलिंग को तोड़ते हुए सीधे पानी में समा गई। बस के गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े।

फोटो : UP Prime News






इस हादसे के दौरान बस में कुल 19 कर्मचारी सवार थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से समय रहते बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। बस की खिड़कियों के शीशे तोड़कर और रस्सी व सीढ़ी की मदद से नहर के बीचों-बीच फंसी बस से सभी 19 कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सभी बचाए गए लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए बिधनू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

फोटो : UP Prime News










प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा बिधनू में रामगंगा नहर पुल के ऊपर किसान नगर मोड़ के पास हुआ। कुड़नी थाना क्षेत्र से निजी फैक्ट्री के कर्मचारियों को लेकर बस कानपुर देहात के रनिया की ओर जा रही थी। तभी सामने से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार डंपर ने बस को जोरदार टक्कर मार दी। डंपर चालक टक्कर मारने के बाद मौके से वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस अब उस अज्ञात डंपर और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है।

बचाव अभियान के दौरान पुलिस कर्मियों और ग्रामीणों ने गजब के साहस का परिचय दिया। जैसे ही बस नहर में गिरी, लोग जान की परवाह किए बिना पानी के करीब पहुंचे और बस के ऊपर चढ़कर फंसे हुए लोगों को दिलासा देने लगे। पुलिस ने आनन-फानन में गांव वालों के सहयोग से लंबी रस्सियों और सीढ़ियों का इंतजाम किया। नहर का बहाव और गहराई काफी चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन टीम वर्क के कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

बिधनू थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मोर्चा संभाल लिया था। सभी 19 कर्मचारियों को सुरक्षित निकालना पहली प्राथमिकता थी, जिसमें पुलिस सफल रही। हादसे के बाद नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया था, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद खुलवाया। दुर्घटनाग्रस्त बस को नहर से बाहर निकालने के लिए क्रेन की मदद ली गई। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कोण पर भी गौर किया जा रहा है।

खबर का बैकग्राउंड:
कानपुर और कानपुर देहात के औद्योगिक क्षेत्रों में हजारों कर्मचारी निजी बसों के माध्यम से प्रतिदिन सफर करते हैं। अक्सर सुबह के समय डंपर और भारी वाहनों की रफ्तार इन लिंक सड़कों पर काफी अधिक रहती है। पूर्व में भी रामगंगा नहर के आसपास छोटे-बड़े सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं, जो औद्योगिक परिवहन और भारी वाहनों के बीच समन्वय की कमी को दर्शाते हैं।

पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना ने फैक्ट्री कर्मचारियों और उनके परिजनों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। तेज रफ्तार डंपरों का बेलगाम होना आम जनता के लिए निरंतर खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते भारी वाहनों की गति सीमा पर कड़ाई नहीं की, तो भविष्य में ऐसे और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं।

UP Prime News एनालिसिस:
सड़क सुरक्षा नियमों के पालन में ढिलाई और भारी वाहनों की अनियंत्रित गति इस दुर्घटना का मुख्य कारण प्रतीत होती है। प्रशासन को औद्योगिक मार्गों पर सीसीटीवी और स्पीड बैरियर की व्यवस्था और भी पुख्ता करनी होगी।

कानपुर | UP Prime News
Published: Thursday, May 07, 2026 | 10:52 AM IST
By UP Prime News Desk














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