मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का निधन: लखनऊ के भैंसाकुंड घाट पर दी जाएगी अंतिम विदाई, जानें मौत की असली वजह
उत्तर प्रदेश]:
समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन हो गया है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों और यादव परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार आज सुबह 11:20 बजे राजधानी लखनऊ में गोमती किनारे स्थित भैंसाकुंड घाट पर किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया है, जहाँ तमाम दिग्गज नेता और समर्थक अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँच रहे हैं।
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| फोटो : UP Prime News |
प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलने के बाद से ही उनकी पत्नी अपर्णा यादव और भाई अखिलेश यादव समेत परिवार के सभी सदस्य गहरे सदमे में हैं। बताया जा रहा है कि प्रतीक काफी समय से कुछ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। घटना के वक्त अपर्णा यादव शहर से बाहर थीं, लेकिन सूचना मिलते ही वह दोपहर तक लखनऊ पहुँच गईं। इस दुखद घड़ी में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी पार्टियों के नेताओं ने संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपर्णा यादव के आवास पर पहुँचकर प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया।
घटनाक्रम और चिकित्सा विवरण:
प्रतीक यादव के करीबियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार तड़के करीब साढ़े चार बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। वह पानी पीने के लिए किचन में गए थे, जहाँ वह बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें गिरता देख घर के ड्राइवर ने तुरंत उनके साले अमन बिष्ट को फोन कर इसकी सूचना दी। आनन-फानन में उन्हें सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने ईसीजी सहित अन्य कई जरूरी जांचें कीं। हालाँकि, काफी कोशिशों के बाद भी डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और अंततः उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
डॉक्टरों ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत की वजह फेफड़े की मुख्य नस में खून का थक्का जमना (पल्मोनरी एम्बोलिज्म) बताया है। पोस्टपार्टम रिपोर्ट के अनुसार, फेफड़ों में क्लॉट की वजह से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर गया, जो अंततः जानलेवा साबित हुआ। मेडिकल रिकॉर्ड्स बताते हैं कि प्रतीक लंबे समय से ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन और डीवीटी (डीप वेन थ्रॉम्बोसिस) जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे, जिसके लिए उनका मेदांता अस्पताल में नियमित इलाज चल रहा था।
पोस्टमार्टम और प्रशासनिक कार्यवाही:
प्रतीक यादव की मौत के बाद शुरुआती तौर पर परिवार के कुछ सदस्य पोस्टमार्टम कराने के पक्ष में नहीं थे, जिसे लेकर अस्पताल में काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। यहाँ तक कि शव को एम्बुलेंस में रखकर घर ले जाने की तैयारी भी हो चुकी थी, लेकिन बाद में निष्पक्ष जांच और कानूनी औपचारिकताओं के चलते पोस्टमार्टम कराने का फैसला लिया गया। केजीएमयू के फॉरेंसिक विभाग की डॉ. मौसमी सिंह और सीनियर रेजिडेंट डॉ. फातिमा हर्षा समेत छह डॉक्टरों के पैनल ने इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम संपन्न किया। डॉक्टरों ने आगे की गहन जांच के लिए हार्ट और विसरा को सुरक्षित रख लिया है।
खबर का बैकग्राउंड:
प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। वह राजनीति में सक्रिय न होकर अपना निजी व्यवसाय और फिटनेस जिम का संचालन करते थे। वह अपनी फिटनेस को लेकर भी काफी चर्चा में रहते थे। उनकी पत्नी अपर्णा यादव वर्तमान में भाजपा की नेता हैं और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के तौर पर कार्यरत हैं। प्रतीक का अचानक जाना यादव कुनबे के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार के सदस्य की अचानक मृत्यु से जनता के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, विशेषकर 'डीवीटी' और 'पल्मोनरी एम्बोलिज्म' जैसी साइलेंट बीमारियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लखनऊ में वीआईपी मूवमेंट बढ़ने के कारण गोमती तट और भैंसाकुंड घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिससे आम यातायात पर कुछ समय के लिए असर पड़ सकता है।
UP Prime News एनालिसिस:
प्रतीक यादव के निधन ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि ला दिया है, जहाँ विपक्षी और सत्ताधारी दलों के नेताओं ने मिलकर शोक साझा किया। यह घटना युवाओं में बढ़ते हाइपरटेंशन और लाइफस्टाइल से जुड़ी गंभीर बीमारियों के खतरों की ओर भी संकेत करती है।
लखनऊ | UP Prime News
Published: May 14, 2026 | 08:01 AM IST
By UP Prime News Desk

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