खूंखार कुत्तों के झुंड ने 115 भेड़ों को उतारा मौत के घाट, पशुपालक को हुआ 15 लाख का भारी आर्थिक नुकसान
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के अंबेहटा कस्बे से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आवारा कुत्तों के एक खूंखार झुंड ने जमकर तांडव मचाया। इस हमले में एक पशुपालक की लगभग 115 भेड़ों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य भेड़ें गंभीर रूप से घायल बताई जा रही हैं। यह घटना बुधवार की देर रात उस समय हुई जब तेज हवाओं और खराब मौसम के बीच कुत्ते बाड़े में घुस गए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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| फोटो : UP Prime News |
पशुपालक प्रीतम पाल ने बताया कि उन्होंने कस्बे के बाहर भेड़ों के रहने के लिए एक सुरक्षित बाड़ा बनाया हुआ है, जिसमें कुल 200 भेड़ें मौजूद थीं। बुधवार की रात मौसम खराब था और तेज आंधी चल रही थी, जिस वजह से वह बाड़े के पास बने कमरे में सो गए थे। इसी दौरान आवारा कुत्तों के एक बड़े झुंड ने बाड़े की दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया और भेड़ों पर हमला बोल दिया। कुत्तों ने भेड़ों को बुरी तरह नोच डाला, जिससे एक के बाद एक 115 भड़ों ने दम तोड़ दिया। सुबह जब पशुपालक बाड़े में पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए।
इस भयानक घटना की जानकारी जैसे ही स्थानीय प्रशासन को मिली, मौके पर पुलिस, लेखपाल और पशु चिकित्सकों की टीम रवाना हो गई। डॉक्टरों द्वारा मृत भेड़ों का निरीक्षण किया गया है और घायलों का उपचार शुरू कर दिया गया है। पशुपालक प्रीतम पाल का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी का मुख्य साधन यही भेड़ें थीं और इस घटना से उन्हें करीब 15 लाख रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार ने अब सरकार और प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है ताकि वे इस बड़े संकट से उबर सकें।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका मुख्य कारण पास में स्थित एक अवैध या अनियंत्रित बूचड़खाना है। बताया जा रहा है कि बूचड़खाने के अवशेषों को खुले में फेंक दिया जाता है, जिसे खाने के चक्कर में कुत्ते हिंसक और आदमखोर होते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इन आवारा कुत्तों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है।
खबर का बैकग्राउंड:
सहारनपुर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से आवारा कुत्तों द्वारा मवेशियों पर हमले की खबरें लगातार बढ़ी हैं। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में खुले बाड़ों में रखे गए जानवरों को ये कुत्ते निशाना बनाते हैं। खास तौर पर मानसून या तेज हवाओं के दौरान जब पशुपालक सुरक्षित स्थानों पर होते हैं, तब ये शिकारी कुत्ते झुंड में हमला कर भारी नुकसान पहुंचाते हैं।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना ने पशुपालन से जुड़े किसानों की चिंता बढ़ा दी है। छोटे पशुपालकों के लिए इस तरह का नुकसान उनके पूरे व्यवसाय को खत्म कर सकता है। साथ ही, हिंसक होते कुत्ते न केवल मवेशियों बल्कि छोटे बच्चों और राहगीरों के लिए भी एक गंभीर सुरक्षा खतरा बन गए हैं। यदि समय रहते आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और बूचड़खानों द्वारा खुले में फेंके जा रहे कचरे पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह संकट और गहरा सकता है।
UP Prime News एनालिसिस:
यह घटना स्थानीय प्रशासन की पशु नियंत्रण नीतियों और स्वच्छता प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आवारा कुत्तों का हिंसक होना सीधे तौर पर पर्यावरण और स्वच्छता मानकों की अनदेखी का परिणाम है।
सहारनपुर | UP Prime News
Published: 08 मई 2026 | 11:08 AM IST
By UP Prime News Desk

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