उत्तर प्रदेश में गर्मी का तांडव: अगले कुछ दिनों में 40 डिग्री के पार जाएगा पारा, मौसम विभाग ने जारी किया लू का अलर्ट
उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने वाला है। पिछले एक सप्ताह से राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं और हल्की बूंदाबांदी के कारण जो राहत महसूस की जा रही थी, वह अब खत्म होने की कगार पर है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार, प्रदेश में आने वाले दिनों में भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिलेगा। विशेष रूप से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना है।
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| फोटो : UP Prime News |
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि सोमवार यानी 11 मई को प्रदेश का मौसम काफी हद तक शुष्क और स्थिर रहेगा। हालांकि, 12 मई से 15 मई के बीच एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की उम्मीद है। इस विक्षोभ के प्रभाव से तराई के क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही तो बढ़ेगी और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद तापमान में गिरावट आने के बजाय 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। यानी हल्की बारिश के बाद नमी और तेज धूप का मिलन उमस भरी गर्मी को और अधिक कष्टदायक बना सकता है।
रविवार के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रयागराज 39.6 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला रहा। इसके बाद बांदा में 39.2 डिग्री और वाराणसी व आगरा में 38.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राजधानी लखनऊ में भी रविवार को सूरज के कड़े तेवर देखने को मिले, जिससे अधिकतम तापमान में 5.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह के दौरान लोगों को लू (Heatwave) का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि शुष्क हवाएं अब तेजी से पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में लेंगी।
खबर का बैकग्राउंड:
उत्तर प्रदेश में आमतौर पर मई का महीना सबसे गर्म होता है, लेकिन इस साल मई के शुरुआती दिनों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से रुक-रुक कर बारिश और हवाएं चलीं। इससे तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ था। अब जैसे ही यह मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ रहा है, राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म पछुआ हवाएं फिर से सक्रिय हो रही हैं, जिससे गर्मी का 'बैक-टू-बैक' दौर शुरू हो रहा है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
भीषण गर्मी और लू के अलर्ट का सीधा असर आम जनता की दिनचर्या पर पड़ेगा। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा है और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को निर्जलीकरण (Dehydration) से बचने के लिए अधिक पानी पीने और धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। किसानों के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि तापमान में अचानक वृद्धि से खरीफ की शुरुआती तैयारियों और मौसमी सब्जियों की फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
UP Prime News एनालिसिस:
जलवायु परिवर्तन और स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण अब बारिश के बावजूद तापमान में गिरावट नहीं दिख रही है, बल्कि उमस बढ़ रही है। प्रशासन को बढ़ते पारे को देखते हुए बिजली आपूर्ति और पेयजल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
लखनऊ | UP Prime News
Published: Monday, May 11, 2026 | 07:35 AM IST
By UP Prime News Desk

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