ऑपरेशन लंगड़ा और ऑपरेशन खल्लास से थर्राए अपराधी! यूपी पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन जारी, 48 जिलों में 20 एनकाउंटर!
बरेली की घटना के बाद, यूपी पुलिस अब अपराधियों को मिट्टी में मिलाने के मिशन पर है! मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद, राज्य में अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन लंगड़ा' और 'ऑपरेशन खल्लास' जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। पिछले 48 घंटों में, राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस और अपराधियों के बीच 20 मुठभेड़ें (एनकाउंटर) हुई हैं, जिनमें कई कुख्यात अपराधी गिरफ्तार किए गए और कुछ को मुठभेड़ में पैर पर गोली मारकर 'लंगड़ा' कर दिया गया।
![]() |
| Up prime news 📰 |
यह कार्रवाई 26 सितंबर को बरेली में हुए विवाद के बाद शुरू हुई, जब मुख्यमंत्री ने पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया। यूपी सरकार अब अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।
पुलिस के आंकड़े चौंकाने वाले!
2017 से अब तक 252 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए हैं, जबकि 10,254 अपराधी घायल हुए हैं। दुखद बात यह है कि इन मुठभेड़ों में 1749 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, और 18 पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है।
'ऑपरेशन लंगड़ा' और 'ऑपरेशन खल्लास' क्या हैं?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 'ऑपरेशन लंगड़ा' के तहत मुठभेड़ में भागने वाले छोटे अपराधियों को पैर पर गोली मारकर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। वहीं, 'ऑपरेशन खल्लास' में बड़े और दुर्दांत अपराधियों को मौके पर ही ढेर किया जा रहा है। इस सिलसिले में पिछले 48 घंटों में राज्य भर में 20 मुठभेड़ें हुई हैं, जिनमें कई अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं।
यह कार्रवाई मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, मथुरा, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, उन्नाव, हरदोई, बागपत, बलिया, लखनऊ से गाजियाबाद और शामली तथा झांसी से बुलंदशहर तक विभिन्न जिलों में की गई है। यूपी पुलिस का यह अभियान राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखने और अपराधियों को जड़ से खत्म करने के लिए एक मजबूत संदेश है।

कोई टिप्पणी नहीं