उटंगन नदी हादसा: 6 दिन चला रेस्क्यू मिशन, आखिरकार बरामद हुए सभी 12 शव — गांव में मातम पसरा
आगरा (उत्तर प्रदेश):
दशहरे के दिन दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की खुशियां मातम में बदल गईं। आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र में उटंगन नदी में डूबे सभी 12 युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। छह दिन से लगातार चल रहा सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का संयुक्त सर्च ऑपरेशन मंगलवार को पूरा हुआ।![]() |
| सेना का सर्च ऑपरेशन पूरा। - फोटो : up prime news |
विस्तार
मंगलवार सुबह शुरू हुए अंतिम दिन के सर्च ऑपरेशन में तीन कंप्रेसर की मदद से नदी में जमा मिट्टी को हटाया गया।
सुबह 10:35 बजे सचिन का शव मिला, दोपहर 12:10 पर दीपक, तीन घंटे बाद गजेंद्र, और सबसे आखिर में हरेश को बरामद किया गया, जो गहरे गड्ढे में मिट्टी के नीचे दबा हुआ था।
शव मिलते ही नदी किनारे पर मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। देर रात सभी का अंतिम संस्कार करने की तैयारी की जा रही थी।
2 अक्टूबर को गांव कुसियापुर के लोग देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए उटंगन नदी पहुंचे थे। लेकिन तय विसर्जन स्थल की बजाय वे करीब 300 मीटर दूर मरघट के पास गए, जहां गहरा पानी और खनन का गड्ढा बना था। इसी दौरान 12 युवक डूब गए, जबकि एक को बचा लिया गया था।
घटना के बाद से ही प्रशासन, सेना और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर डटी रहीं। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और पुलिस आयुक्त दीपक कुमार भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी शव सुरक्षित रूप से निकाल लिए गए हैं और सर्च ऑपरेशन समाप्त हो गया है।
मृतकों की सूची:
ओमपाल (25), गगन (24), हरेश (20), अभिषेक (17), भगवती (22), ओके उर्फ ओकेश (16), सचिन (26), गजेंद्र (17), मनोज (14), वीनेश (18), करन (21) और दीपक (15)।
गांव कुसियापुर में अब हर घर में मातम का माहौल है। देवी विसर्जन का जुलूस जिसने शुरू किया था, वही अब शोक यात्रा में बदल गया।

कोई टिप्पणी नहीं