UP Prime News: छात्र का अपहरण करने वाले सिपाही की मुश्किलें बढ़ीं — जेल में थमाया गया बर्खास्तगी नोटिस, एक हफ्ते में मांगा जवाब
आगरा:
यूपी पुलिस का एक और सिपाही अपराध की दलदल में फंस गया है। छात्र के अपहरण के आरोप में जेल भेजे गए सिपाही मोनू तालान की अब नौकरी जाने की पूरी तैयारी हो चुकी है।
पुलिस विभाग ने बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी है और उसे जेल में ही नोटिस रिसीव करा दिया गया है।
सिपाही को एक सप्ताह में जवाब देने का समय दिया गया है, जिसके बाद उसकी बर्खास्तगी तय मानी जा रही है।
![]() |
| सांकेतिक फोटो-:up prime news |
यह लगातार दूसरा मामला है जब किसी पुलिसकर्मी को अपराध में लिप्त पाए जाने के बाद बर्खास्त किया जा रहा है।
इससे पहले फिरोजाबाद में दो करोड़ की लूट की साजिश में गिरफ्तार सिपाही मनोज को बर्खास्त किया गया था।
मामला क्या है?
घटना आगरा के बाह क्षेत्र की है।
गांव रामपुर चंद्रसैनी निवासी हर्षवर्धन अपने भाई के साथ एसएससी की तैयारी कर रहा था और न्यू आगरा क्षेत्र की एक कोचिंग में पढ़ाई करता था।
उसी कोचिंग में पढ़ने वाले अलीगढ़ निवासी राहुल और राजकुमार उससे परिचित थे।
थाना सैंया में तैनात सिपाही मोनू तालान ने इन दोनों के साथ मिलकर हर्षवर्धन के अपहरण की साजिश रची।
22 सितंबर को तीनों ने सिकंदरा क्षेत्र से छात्र को अगवा किया और परिजनों से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
बाद में 5 लाख रुपये लेकर छोड़ने पर सहमति बनी थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने छात्र को सुरक्षित मुक्त करा लिया।
इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
विभागीय कार्रवाई शुरू
डीसीपी मुख्यालय अली अब्बास ने बताया कि
“सिपाही मोनू तालान को बर्खास्तगी का नोटिस जारी कर दिया गया है। उसे जेल में नोटिस रिसीव कराया गया है और एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है।”
कमिश्नरेट में बढ़ती अनुशासनहीनता पर सख्ती
आगरा कमिश्नरेट में हाल के दिनों में कई पुलिसकर्मी अपराध या अनुशासनहीनता के मामलों में फंसे हैं।
कुछ पर मुकदमे दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई लंबित है।
हाल ही में थाना शाहगंज के दो दरोगाओं पर चोरी के आरोपी को पीटने के मामले में कोर्ट ने मुकदमे दर्ज करने के आदेश दिए थे।
इस बीच, पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने निर्देश दिया है कि
“दागी पुलिसकर्मियों की सूची तैयार की जा रही है। ऐसे कर्मियों को किसी भी विशेष या संवेदनशील पद पर नहीं रखा जाएगा।
थाना प्रभारी के कारखास और एसओजी कर्मी हमेशा वर्दी में रहेंगे। अपराधियों से सांठगांठ पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई होगी।”
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं