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up prime news : बागपत में तिहरे हत्याकांड से हड़कंप, मुफ्ती की पत्नी और दो मासूम बेटियों की निर्मम हत्या

 बागपत, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांगनौली गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मुफ्ती इब्राहिम की पत्नी और उनकी दो मासूम बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस तिहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मां और दोनों बेटियां जिनकी मस्जिद में हुई हत्या







घटना का विवरण:

शनिवार की दोपहर को गांगनौली की बड़ी मस्जिद परिसर में यह जघन्य वारदात हुई। मुफ्ती इब्राहिम की 30 वर्षीय पत्नी, आलिमा इसराना, और उनकी 5 वर्षीय बेटी सोफिया, तथा एक अन्य बेटी सुमाइया को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया।

गांगनौली गांव की बड़ी मस्जिद के बाहर हंगामा करते लोग








आरोपियों ने कथित तौर पर बसूली से सिर कुचलकर इस निर्मम हत्या को अंजाम दिया। पुलिस ने घटना स्थल से आला कत्ल बसूली और एक चाकू बरामद किया है।

आलीमा इसराना की फाइल फोटो







पृष्ठभूमि और motive:

मुफ्ती इब्राहिम, जो कि शामली जिले के सुजरा गांव के निवासी हैं, अपने परिवार के साथ गांगनौली मस्जिद की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में पिछले तीन साल से रह रहे थे। उनकी पत्नी आलिमा इसराना पड़ोस की बच्चियों को दीनी तालीम देती थीं।

मस्जिद के बाहर हंगामे के दौरान पहुंचे पुलिसकर्मियों से होती हाथापाई








पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों नाबालिग आरोपी भी मस्जिद में दीनी तालीम लेते थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मुफ्ती इब्राहिम और आलिमा इसराना उन्हें अक्सर डांटते और पीटते थे। इसी गुस्से और बदले की भावना से उन्होंने पूरे परिवार को खत्म करने की योजना बनाई।

गांगनौली गांव की बड़ी मस्जिद में विलाप करता मुफ्ती इब्राहिम







घटना का दिन:

बताया गया है कि शनिवार दोपहर को जब छह बच्चियां दीनी तालीम लेने मस्जिद आईं, तो काफी देर तक आवाज लगाने पर भी दरवाजा नहीं खुला। वे सीढ़ी से छत पर चढ़कर गईं और दरवाजा खोला। कमरे में जाकर उन्होंने देखा कि इसराना, सोफिया और सुमाइया के शव खून से लथपथ चारपाई पर पड़े थे।

मस्जिद के बाहर हंगामे के दौरान पहुंचे पुलिसकर्मियों से होती हाथापाई







शव देखते ही बच्चियां चीखते हुए मस्जिद से बाहर आ गईं, जिससे भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने पुलिस को शव उठाने से रोकने की कोशिश की। सूचना मिलते ही मेरठ के डीआईजी कलानिधि नैथानी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की गहन छानबीन की।

मस्जिद में जांच करने पहुंचे डीआईजी मेरठ कलानिधि नैथानी







आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की जांच:

पुलिस ने बताया कि आरोपियों को पता चला था कि शनिवार को मुफ्ती इब्राहिम देवबंद गए हुए हैं, जिसके बाद उन्होंने दोपहर में मस्जिद में प्रवेश किया। उन्होंने नीचे से राजमिस्त्री द्वारा काम करने के लिए रखी गई बसूली उठाई और हत्या को अंजाम दिया। पहले इसराना पर वार किया गया, और फिर बच्चियों पर। इस तरह तीनों की हत्या करने के बाद वे गांव के पास ही घूमते रहे। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एक और चौंकाने वाला खुलासा:

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आलिमा इसराना लोनी की रहने वाली थीं और उनका निकाह मुफ्ती इब्राहिम से सात साल पहले हुआ था। वह पांच माह की गर्भवती थीं। मुफ्ती इब्राहिम ने भी इस बात की पुष्टि की है। इस जघन्य वारदात से पूरे प्रदेश में आक्रोश है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।













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